बिहार में बिजली कंपनियों ने की रिकॉर्ड राजस्व की वसूली, 151 दिन में पार किया पांच हज़ार करोड़ का आंकड़ा

बिहार में बिजली कंपनियों ने की रिकॉर्ड राजस्व की वसूली, 151 दिन में पार किया पांच हज़ार करोड़ का आंकड़ा

PATNA : विगत वर्ष में जहाँ बिजली कंपनियों ने कुल 10742 करोड़ का संग्रहण किया था, वहीं चालू वित्तीय वर्ष की पहले पांच महीने में बीएसपीएचसीएल ने 5,167 करोड़ का अभूतपूर्व राजस्व संग्रहण किया है। बीएसपीएचसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक संजीव हंस ने कहा कि राज्य सरकार के निरंतर सहयोग एवं बेहतर योजनाओं तथा सुविधाओं से उपभोक्ताओं में लगातार होती जागरूकता तथा बढ़ते विश्वास के फलस्वरूप बिजली कंपनियां राजस्व संग्रहण में नित नये कीर्तिमान स्थापित कर रही है। विगत दो वर्षों में राजस्व संग्रहण पर कोरोना महामारी के दुष्प्रभाव से बिहार की बिजली कंपनियां अब उबर चुकी हैं। 


गौरतलब है कि राजस्व संग्रहण में 5000 करोड़ का महत्वकांक्षी आंकड़ा पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इस वर्ष 52 दिन पहले ही प्राप्त कर लिया गया है। हर घर बिजली योजना पूरी होने के उपरांत विगत 4-5 वर्षों की तुलना में इस वर्ष 5000 करोड़ पहुँचने में मात्र 151 दिन लगे। जबकि 2021-22 में 203 दिन 2020-21 में 262 दिन 2019-20 में 211 दिन तथा 2018-19 में 217 दिन लगे थे।

ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि नये एवं वर्तमान उपभोक्ताओं के सभी कार्यों के लिए एकीकृत सुविधा एप, राज्य के शहरी उपभोक्ताओं के परिसर में लग रहे स्मार्ट प्रीपेड मीटर एवं अन्य सभी प्रकार की समस्याओं के त्वरित निष्पादन के लिए अंचलवार Dedicated CGRF का गठन तथा बिजली बिल मे सुधार हेतु व्यापक स्तर पर साप्ताहिक कैंप एवं अभियान के आयोजन से काफी फायदा हुआ है। राज्य के कृषि उपभोक्ताओं को सिंचाई हेतु निरंतर बिजली की उपलब्धता तथा वैश्विक ऊर्जा किल्लत के बावजूद महंगी बिजली खरीद कर भी उपभोक्ताओं को हर संभव बिजली मुहैया कराने जैसे अनेकों प्रयासों से बेहतर सेवा उपलब्ध कराने के लिए कंपनियां (एनबीपीडीसीएल एवं एसबीपीडीसीएल) सदैव तत्पर हैं।

हंस ने कहा कि बिजली चोरी, अवैध उपभोग करने वाले तथा बड़े बकायेदारों से वसूली में भी राज्यव्यापी सख्ती का परिणाम राजस्व संग्रहण में समाहित हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकारी उपभोक्ताओं के परिसर में भी प्रीपेड मीटर लगाकर विभागवार बकाया भुगतान के लिए भी राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। कंपनी के हर एक पदाधिकारी को अपने क्षेत्र के लिए मासिक लक्ष्य दिया गया है एवं शीर्ष स्तर पर दैनिक समीक्षा की जा रही है। हंस ने सभी बहुमुल्य उपभोक्ताओं से अनुरोध करते हुए कहा कि सितंबर एवं अक्टूबर माह में त्योहारों के शुरू होने से पहले अपने अपने बकाये का पूर्ण भुगतान करना सुनिश्चित करें ताकि संग्रहित राजस्व से खुले बाजार से महंगी बिजली खरीदकर भी राज्य के उपभोक्ताओं को बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिले।

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