नन से बलात्कार के आरोपी फ्रेंको मुलक्कल को बिशप बनाने की तैयारी, विरोध में उतरा 'सेव आवर सिस्टर्स', पोप से की बड़ी अपील

नन से बलात्कार के आरोपी फ्रेंको मुलक्कल को बिशप बनाने की तैयारी, विरोध में उतरा 'सेव आवर सिस्टर्स', पोप से की बड़ी अपील

DESK. बिशप बनना इसाई धर्म में अत्यंत प्रतिष्ठित और सम्मानजनक पद माना जाता है. लेकिन एक बलात्कार आरोपी को बिशप बनाने की तैयारी का अब बड़े स्तर पर विरोध शुरू हो गया है. दरअसल एक नन से बलात्कार के आरोपी फ्रेंको मुलक्कल को जालंधर (पंजाब) के बिशप के रूप में बहाल करने की योजना है. इसे लेकर कई इसाई संगठन विरोध जता रहे हैं. यहां तक की इसाई समुदाय के सबसे बड़े धर्मगुरु पोप को भी इस संबध में पत्र लिखकर अपील की है. 

'सेव अवर सिस्टर्स' फोरम ने पोप से अपील की है कि वह फ्रेंको मुलक्कल को जालंधर (पंजाब) के बिशप के रूप में तब तक बहाल न करें जब तक कि केरल हाई कोर्ट द्वारा फैसले के खिलाफ अपील पर सुनवाई और फैसला नहीं किया जाता है. कोट्टायम कोर्ट ने फ्रेंको मुलक्कल जनवरी 2022 में नन रेप केस में बरी कर दिया था. बलात्कार का आरोप लगने के बाद पोप फ्रांसिस ने फ्रेंको को पादरी से जुडी जिम्मेदारियों से सितम्बर 2018 में अस्थाई रूप से मुक्त कर दिया था. 

वहीं, बिशप फ्रेंको के खिलाफ कुछ साल पहले बलात्कार के आरोप के बाद उनका विरोध करने वाली ननों का समर्थन करने के लिए गठित सेव अवर सिस्टर्स (एसओएस) नामक संगठन ने मंगलवार को पोप फ्रांसिस को जालंधर सूबे के बिशप के रूप में उन्हें ‘दोबारा नियुक्त’ करने के कथित कदम के खिलाफ याचिका दायर की. याचिका में दावा किया गया है कि मामले में उन्हें दोष मुक्त करने वाली निचली अदालत अंतिम नहीं थी और इसे चुनौती देने वाली एक अपील उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित है. 

57 वर्षीय बिशप पर 2014 और 2016 के बीच कोट्टायम में एक कॉन्वेंट के दौरे के दौरान नन के साथ कई बार बलात्कार करने का आरोप लगाया गया था. उस समय फ्रेंको जालंधर डायोसिस के बिशप थे. अब एक बार फिर से उनके बिशप बनाने की योजना से बड़ा बवाल शुरू हो गया है. 


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