राष्ट्रपति चुनाव आज : मुर्मू जीततीं हैं तो पहली दलित महिला राष्ट्रपति होने के साथ बनाएंगी यह खास रिकार्ड जो पहले कभी नहीं हुआ

राष्ट्रपति चुनाव आज : मुर्मू जीततीं हैं तो पहली दलित महिला राष्ट्रपति होने के साथ बनाएंगी यह खास रिकार्ड जो पहले कभी नहीं हुआ

NEW DEHLI : देश के 15वें राष्ट्रपति के चुनाव के लिए तैयारियां पूरी हो गई हैं और सोमवार को संसद भवन व राज्यों की विधानसभाओं में इसके लिए वोट डाले जाएंगे। देशभर के करीब 4,800 विधायक और सांसद राष्ट्रपति चुनाव में वोट डालेंगे। एनडीए की राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू और विपक्ष के संयुक्त प्रत्याशी यशवंत सिन्हा राष्ट्रपति भवन की रेस में हैं। सोमवार को देशभर के करीब 4,800 विधायक और सांसद राष्ट्रपति चुनाव में वोट डालेंगे। 

मुर्मू की जीत लगभग तय

वोटों के गणित में पक्ष और विपक्ष के बीच बने बड़े फासले को देखते हुए राजग उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का देश की अगली राष्ट्रपति चुना जाना तय है। इस चुनाव में मतों का कुल मूल्य 10,86,431 है जिनमें मुर्मू को 6,67,000 मत मूल्य मिलने की संभावना है। वह आदिवासी समुदाय की देश के शीर्ष संवैधानिक पद पर पहुंचने वाली पहली शख्सियत होंगी। इसके साथ ही वह पहली राष्ट्रपति होंगी, जिनका जन्म आजादी के बाद हुआ है।

मुर्मू के साथ एनडीए की सभी पार्टियां और दूसरे दल भी शामिल

मुर्मू के सपोर्ट में एनडीए में शामिल सभी दलों के साथ कई क्षेत्रीय दल भी एनडीए की उम्मीदवार मुर्मू का समर्थन करने वाले हैं। इनमें शिवसेना, ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक की बीजू जनता दल, नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड, शिरोमणि अकाली दल, मायावती की बहुजन समाज पार्टी, AIADMK, टीडीपी, वाईएसआरसीपी और चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) शामिल है।

यशवंत के समर्थन में ये पार्टियां

वहीं यशवंत सिन्हा को जो पार्टियां सपोर्ट कर रही हैं उनमें कांग्रेस, शरद पवार की एनसीपी, टीएमसी, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, सीपीआई (एम), अखिलेश यादव की सपा, नेशनल कॉन्फ्रेंस, एआईएमआईएम, आरजेडी, एआईयूडीएफ और अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी शामिल है। बता दें कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सबसे पहले विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार की बात रखी थी। यशवंत सिन्हा पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं और आईएएस अधिकारी रह चुके हैं। 

21 को मतगणना और 25 को शपथग्रहण

राष्ट्रपति चुनाव के लिए सोमवार को होने वाले मतदान के बाद सभी राज्यों से मत पेटियां दिल्ली लाई जाएंगी और 21 जुलाई को वोटों की गिनती के बाद देश के नए राष्ट्रपति के निर्वाचन की घोषणा कर दी जाएगी। राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द का कार्यकाल 24 जुलाई की मध्य रात्रि को समाप्त हो रहा है और 25 जुलाई को नए राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण होगा। राष्ट्रपति चुनाव में एक सांसद के वोट का मूल्य 700 है जो पिछले चुनाव के 708 के मुकाबले कम हुआ है। जबकि अलग-अलग राज्यों में जनसंख्या के हिसाब से विधायकों के वोटों का मूल्य अलग-अलग है।

आजाद भारत में जन्म लेनेवाली पहली राष्ट्रपति

मुर्मू की जीत ऐतिहासिक इसलिए होगी क्योंकि उनके राष्ट्रपति बनने के बाद कई रेकॉर्ड बन जाएंगे। वह पहली ऐसी राष्ट्रपति होंगी जिनका जन्म आजाद भारत में हुआ है। 64 साल की उम्र में वह राष्ट्रपति बनेंगी और वह पहली आदिवासी राष्ट्रपति होंगी। मुर्मू देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति होंगी। 



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