जेल में उपचार के दौरान कैदी की मौत, परिजनों ने लगाया गंभीर आरोप

जेल में उपचार के दौरान कैदी की मौत, परिजनों ने लगाया गंभीर आरोप

अलीगढ़. जिला कारागार में हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे कैदी की उपचार के दौरान शनिवार को जेएन मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई. मृतक हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था, जहां जेल में उसकी कई दिन पहले तबीयत बिगड़ गई थी. पिता की मौत को लेकर परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं और उनकी मौत का कारण जेल प्रशासन को ठहराया है.

उत्तर प्रदेश के जनपद अलीगढ़ के कोतवाली सिविल लाइंस क्षेत्र स्थित जिला कारागार में हत्या के आरोप में आजीवन कारावास में बंद कैदी की अचानक तबीयत बिगड़ने पर जिला जेल प्रशासन द्वारा कैदी को आनन-फानन में उपचार के लिए जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ में 15 सितंबर को भर्ती कराया गया था. उपचार के दौरान हत्या के आरोपी की इलाज के अभाव में शनिवार को जेएन मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई है. वहीं मृतक के परिजनों ने इलाज को लेकर जेल प्रशासन पर बड़ा आरोप लगाया है.

आरोप है कि उनके द्वारा जेल अधिकारियों को पत्र लिखकर अवगत कराया गया था कि उनके पिता के हालत ज्यादा गंभीर है. जिनको उपचार की सख्त जरूरत है और उपचार के लिए उनको किसी बड़े अस्पताल में भर्ती करना है. लेकिन जिला जेल अधिकारियों के द्वारा जेल में भेजी गई चिट्ठी पर संज्ञान नहीं लिया गया और जेल प्रशासन ने उनका उपचार जेल से बाहर कराने को लेकर मना कर दिया और उनके द्वारा जेल में भेजी गई दवाई भी जेल प्रशासन द्वारा उनके पिता के पास नहीं पहुंचाई गयी. इसके चलते उसके पिता की मौत हुई है.

जानकारी के अनुसार कोतवाली अतरौली इलाके के गांव निवासी डोरीलल हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा में जेल में बंद था. मृतक कैदी के बेटे सत्यप्रकाश ने बताया कि जेल में तारीख करने अपने पिता डोरीलाल से मिलने पहुंचे थे. उस दौरान उनके द्वारा बताया गया था कि उनकी तबीयत खराब है, जिसके बाद परिजनों ने वकील द्वारा जज के समक्ष एक प्रार्थना पत्र पेश कर इलाज कराने की पेशकश की गई थी. इसके बाद जज ने चिट्ठी को स्वीकार करते हुए जिला जेल प्रशासन को उपचार कराने के निर्देश दिए थे.

उस चिट्ठी को जेल प्रशासन के समक्ष पेश कर दिया गया था. लेकिन जेल प्रशासन ने जेल से बाहर इलाज कराने को मना करते हुए चिट्ठी को वापस परिजनों को सौंप दिया. इसके बाद जेल प्रशासन ने जेल में ही डोरी लाल का इलाज शुरू करा दिया. लेकिन जेल प्रशासन द्वारा 15 सितंबर को फोन कर परिजनों को सूचना दी गई कि उनके पिता की तबीयत खराब है और निजी अस्पताल जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है. मृतक कैदी के बेटे सत्यप्रकाश ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का बड़ा आरोप लगाया है कि उनके द्वारा अपने पिता के इलाज के लिए जेल में दवाई भेजी गई थी, जो दवाई जेल प्रशासन द्वारा उनके पिता के पास तक नहीं पहुंचाई गई है. इसके चलते उसके पिता की मौत हुई है.


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