फीस नहीं बढाने के आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंचे प्राइवेट स्कूल, 18 जून तक सरकार को देना है जवाब

फीस नहीं बढाने के आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंचे प्राइवेट स्कूल, 18 जून तक सरकार को देना है जवाब

Desk: कोरोना की वजह से हुए लॉकडाउन से पूरा देश आर्थिक संकट से जूझ रहा है. ऐसे में सरकार ने लोगों को रियायत देने की हर संभव कोशिश की है. सरकार के द्वारा लिया गया एक बड़ा फैसला प्राइवेट स्कूल की फीस न बढ़ाने का भी है. लेकिन यह फैसला स्कूल वालों को नहीं पसंद आया और इसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका भी दायर कर दी. प्राइवेट स्कूल की मनमानी से आम लोग तो परेशान है ही साथ ही अब उन्होंने सरकार के निर्देश की अवहेलना भी शुरु कर दी है.

हाल ही में UP सरकार द्वारा लिया गया फैसला आम लोगों के लिए राहत साबित होने वाला था, पर प्राइवेट स्कूल वालों को यह पसंद  नहीं आया .सरकार के आदेश के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका दर्ज की गयी है. हाईकोर्ट ने हाल ही में एक नोटिस जारी किया है जिसके अंतर्गत उन्होंने  सरकार से इस संबध में 18 जून तक जवाब मांगा है.

वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हुए यह सुनवाई में जस्टिस अनिल कुमार और सौरव लवानिया मजूद थे. उन्होंने एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट स्कूल्स ऑफ यूपी व एक अन्य की ओर से दाखिल याचिका पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवायी करते हुए पारित किया है. प्राइवेट स्कूल ने याचिका दायर करते हुए रोक को मनमाना और साथ असंवैधानिक एवं अतार्किक बताया है. 

वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने  जारी दलील में कहा कि उत्तर प्रदेश फी रेगुलेशन एक्ट 2018 के तहत फीस वृद्धि की जा सकती है. फीस वृद्धि के सम्बंध में बिना किसी अभिभावक की आपत्ति आए, सरकार ने स्वतः संज्ञान लेकर यूपी आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत उक्त आदेश जारी कर दिए. याचिका में उत्तर प्रदेश आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 को भी असंवैधानिक घोषित करने की भी मांग की गई है और उसे केंद्रीय अधिनियम का अतिक्रमण करने वाला बताया गया है.

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