मुस्लिम मंत्री के प्रवेश बाद विष्णुपद मंदिर गया का हुआ शुद्धिकरण, गर्भगृह में जाने वाले सीएम नीतीश और इसराइल मंसूरी से माफी मांगने की मांग

मुस्लिम मंत्री के प्रवेश बाद विष्णुपद मंदिर गया का हुआ शुद्धिकरण, गर्भगृह में जाने वाले सीएम नीतीश और इसराइल मंसूरी से माफी मांगने की मांग

गया. विष्णुपद मंदिर गया में मुस्लिम मंत्री इसराइल मंसूरी के प्रवेश करने के बाद मंदिर के गर्भगृह का शुद्धिकरण किया गया. मंदिर को धुलवाया गया है क्योंकि मंदिर में गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है. चूकी मंसूरी मुस्लिम सुमदाय से आते हैं इसलिए उनके मंदिर में प्रवेश के बाद मंदिर की पवित्रता भंग होने की बात सामने आई. इसी कारण हिंदुओं के एक बड़े वर्ग सहित भाजपा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हिंदुओं को अपमानित करने का आरोप लगाया है. साथ ही मंदिर प्रशासन ने भी गैर हिंदू मंत्री के मंदिर में प्रवेश को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया और सदियों से चली आ रही परम्परा के साथ खिलवाड़ कहा है. अब मंदिर की पवित्रता के लिए गर्भगृह का शुद्धिकरण किया गया है. 

दरअसल, सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना की. उनके साथ राज्य के सूचना प्रोद्यौगिकी मंत्री मो. इसराइल मंसूरी भी मंदिर में गए जबकि मंदिर में गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है.  मुख्यमंत्री के जाने के बाद मंदिर में गैर हिंदू के प्रवेश को लेकर चर्चा होने लगी. बाद में इसकी जानकारी श्री विष्णुपद प्रबंध कारिणी समिति के अध्यक्ष शंभुलाल विट्ठल और अन्य लोगों को मिली. वहीं हिंदुओं के बड़े वर्ग ने भी इस मामले को लेकर जोरदार विरोध किया है और इसे हिंदुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करना बताया है. 


इस बीच, भाजपा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर आरोप लगाया है कि हिंदुओं को अपमानित करने में सीएम नीतीश को मजा आता है. यही कारण है कि सीएम नीतीश गया के विष्णुपद मंदिर में अपने साथ मुस्लिम समुदाय से आने वाले मंत्री को लेकर गए जबकि उन्हें पता है कि मंदिर में गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने मंगलवार को कहा कि CM नीतीश से पूछा कि क्या आप मक्का में जाएंगे या आपको केवल हिंदुओ को अपमानित करना पसंद है?

अब विष्णुपद मंदिर के गर्भगृह के शुद्धिकरण के तहत मंदिर को धुलवाया गया है. सूत्रों के अनुसार विशेष शुद्धिकरण अनुष्ठान भी होगा. साथ ही आने वाले समय में फिर से इस प्रकार की गलती कोई न दोहराए इसका भी ध्यान रखा जाएगा. नियम को सख्ती से लागू करने के लिए मंदिर प्रशासन आगे से और ज्यादा सख्त रवैया अपना सकता है. 


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