सोलर लाइट 'टेंडर' में हाईलेवल सेटिंग...ब्रेडा पर बड़ा सवाल ! औसतन 10 करोड़ का टर्नओवर नहीं छूने वाली कंपनी का भी हुआ चयन

सोलर लाइट 'टेंडर' में हाईलेवल सेटिंग...ब्रेडा पर बड़ा सवाल ! औसतन 10 करोड़ का टर्नओवर नहीं छूने वाली कंपनी का भी हुआ चयन

PATNA: बिहार के गांवों में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने का काम शुरू होने वाला है। पंचायत प्रतिनिधि सोलर लाइट लगाने को लेकर दखल नहीं देंगे। ब्रेडा को सोलर लाइट लगाने का जिम्मा दिया गया है। पूरे बिहार के लिए 13 एजेंसियों का चयन किया गया है। ब्रेडा ने सभी एजेंसियों को जिला आवंटित कर दिया है। सोलर लाइट लगाने के लिए ब्रेडा की तरफ से टेंडर निकाला गया था। टेंडर में अंतिम रूप से चयनित 13 एजेंसियों में 2 पर गंभीर सवाल खड़े किये जा रहे हैं। न सिर्फ कंपनी पर बल्कि चयन करने वाले अधिकारी पर भी सवाल उठ रहे हैं। खुलासे के बाद बजाप्ता कंप्लेन भी दर्ज किया गया है। हालांकि इस गड़बड़ी पर ब्रेडा के अधिकारी बोलने से बचते दिख रहे हैं। वहीं, दोनों कंपनियों ने किसी तरह की गड़बड़ी की बात से इनकार किया है। 

..तो सोलर लाइट एजेंसी चयन में हाईलेवल सेटिंग?

बिहार के पंचायतों में सोलर लाइट लगाने को लेकर चयनित एजेंसी पर सवाल उठने लगे हैं। एक ऐसी ही एजेंसी है सनडिगो सोलर सॉल्यूशन कंपनी। ब्रेडा ने इस कंपनी को भी सोलर लाइट लगाने का काम दिया है। ब्रेडा ने 6 जिला गया,जहानाबाद, अरवल, मुंगेर और भागलपुर अलॉट किया है। ब्रेडा की तरफ से जो टेंडर निकाला गया था उस शर्त में स्पष्ट था कि उसी कंपनी का चयन होगा जिसका लगातार तीन वित्तीय वर्षों में औसतन 10 करोड़ का टर्न ओवर हो। इसके अलावे टेंडर की कई अन्य शर्तें थी। शिकायत में कहा गया है कि टर्न ओवर की शर्त को सनडिगो सोलर सॉल्यूशन कंपनी पूरा नहीं करती है। इसके बाद भी ब्रेडा ने इस कंपनी का चयन किया।इस कंपनी का वित्तीय वर्ष 2018-19 में 83,65,313.16 रु का टर्नओवर था। वहीं 2019-20 में 2,79,52,114.73 रु और 2020-21 में 11,58,22,359.42 है।  ऐसे में इस कंपनी का 3 सालों का औसतन टर्न ओवर 10 करोड़ नही पहुंच पा रहा। इसके बाद भी सनडिगो सोलर सॉल्यूशन कंपनी के चयन से ब्रेडा कटघरे में है। बड़ा सवाल यही है कि जब इस एजेंसी का टर्नओवर 10 करोड़ नहीं पहुंच पा रहा था तो फिर चयन किसके इशारे पर हुआ। इसका जवाब ब्रेडा को देना होगा। 

आदर्श इंस्टियूट ऑफ सोशल इकोमोमिकल डेवलपेंट के खिलाफ भी शिकायत

वहीं, दूसरी शिकायत टैक्स एपेक्स सॉल्यूशन की तरफ से दी गई है। इस कंपनी ने ब्रेडा से लेकर पंचायती राज विभाग के मंत्री, सचिव और मुख्यमंत्री सचिवालय को मेल के माध्यम से गड़बड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। जिसमें आदर्श इंस्टियूट ऑफ सोशल इकोमोमिकल डेवलपेंट के चयन पर आपत्ति जताई गई है। कहा गया है कि यह एक ट्रस्ट है और टेंडर की शर्त के अनुसार ट्रस्ट को टेंडर में भाग लेने का अधिकार प्राप्त नहीं था। संस्था के जीएसटी निबंधन के तीन वर्ष पूरे भी नहीं हुए तो 10 करोड़ का औसत टर्नओवर कैसे पूरा कर सकता है? ब्रेडा के अधिकारियों ने जानबूझकर दस्तावेज को नजरअँदाज किया है। इतना ही नहीं संस्था ने समान नाम से एक दूसरा पैन दिया है जो भागीदार फर्म का है। एक नाम से दो पैन लेना गलत है। ऐसे में पूरे मामले की जांच हो और आवश्यक कार्रवाई हो। वहीं टेंडर में हुई भारी गड़बड़ी के संबंध में हमने ब्रेडा के प्रबंध निदेशक महेन्द्र कुमार से पक्ष जानना चाहा। हमने उनसे शिकायत के संबंध में पूछा तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। 

इस संबंध में सनडिगो सोलर सॉल्यूशन कंपनी के प्रतिनिधि सुजीत कुमार सिंह ने बताया कि हमने पूरे कागजात ब्रेडा को दिये हैं। ब्रेडा ने पूरे तौर पर छानबीन के बाद ही टेंडर अलॉट किया है। जहां तक टर्न ओवर की बात है तो एक प्रोपराइटरशीप को कंपनी ने टेकओवर किया है। लिहाजा अब औसतन 10 करोड़ से अधिक का टर्नओवर है। वहीं टर्नओवर ऑनलाइन नहीं दिखाये जाने पर कंपनी के प्रतिनिधि ने कहा कि यह कंपनी का नहीं बल्कि आरओसी की कमी है। 

 हर वार्ड में 10 लाइट, 1 लाख 10 हजार वार्ड होंगे रोशन

मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत राज्य के एक लाख दस हजार वार्डों में यह कार्य होगा। हर वार्ड में दस लाइटें लगाई जाएंगी। ब्रेडा के माध्यम से लाइट लगाने वाली एजेंसी का चयन हुआ है। लाइट लगाने वाली एजेंसी ही इसका अगले पांच वर्षों तक रख-रखाव भी करेगी।

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