पटना हाईकोर्ट में भी उठने लगी जजों की नियुक्ति में कॉलेजियम सिस्टम पर सवाल, सीनियर अधिवक्ता ने कहा - नियमों में बदलाव जरूरी

पटना हाईकोर्ट में भी उठने लगी जजों की नियुक्ति में कॉलेजियम सिस्टम पर सवाल, सीनियर अधिवक्ता ने कहा - नियमों में बदलाव जरूरी

PATNA : न्यायपालिका की सफलता में योग्य और अच्छे जजों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही हैं।लेकिन न्यायपालिका में जजों की बहाली का मुद्दा भी  काफी विवादों में रहा हैं। अभी हाल में ही केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि जजों की नियुक्ति में कार्यपालिका की भूमिका के सम्बन्ध में चर्चा की है। अभी तक जजों की नियुक्तियां सुप्रीम कोर्ट के कालेजियम के सलाह के आधार पर होती है।लेकिन इसकी त्रुटियों की विशेषज्ञ अपनी राय देते रहे हैं। ऐसे में अब हाईकोर्ट के वकीलों में भी जज की नियुक्ति में कॉलेजियम सिस्टम में बदलाव का वकालत की है। 

पटना हाईकोर्ट के वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा ने कहा कि यदि जजों की नियुक्ति में कार्यपालिका हस्तक्षेप करेगी,तो कई प्रकार की त्रुटियां हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के कालेजियम व्यवस्था में भी कमियां है।उसमें भी जजों के योग्यता और स्तर पर प्रश्नचिन्ह लगते रहे हैं।  उन्होंने कहा कि जजों की बहाली में एक नई,निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाये जाने की आवश्यकता हैं।

परीक्षा आजोजित कर चुने जाएं योग्य जज

उन्होंने कहा कि अनुभव और योग्यता के आधार पर अन्य भारतीय सेवाओं की तरह इसमें अखिल भारतीय स्तर पर परीक्षा आयोजित कर इनकी बहाली हो सकती है। इस परीक्षा में शामिल होने के लिए कोर्ट में प्रैक्टिस करने के अनुभव को अर्हता के रूप में रखा जा सकता हैं।इस व्यवस्था में योग्य और श्रेष्ठ जजों के न्यायपालिका में आने की अच्छी सम्भावना हैं।

बता दें जदयू नेता उपेंद्र कुशवाहा सहित कई राजनीतिक दलों द्वारा लगातार जजों की नियुक्ति में कॉलेजियम सिस्टम को लेकर सवाल उठात रहे है। उनका कहना है कि इस सिस्टम के कारण पिछड़ी जाति के योग्य लोगों को कभी भी जज बनने का मौका नहीं मिलता है।

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