राबड़ी के काल में हुई शिक्षकों की नियुक्ति, नीतीश ने हटाया, 14 साल गुजरने के बाद भी नहीं सुनी गई गुहार

राबड़ी के काल में हुई शिक्षकों की नियुक्ति, नीतीश ने हटाया, 14 साल गुजरने के बाद भी नहीं सुनी गई गुहार

पटना। बिहार में नीतीश सरकार के खिलाफ शिक्षकों ने अपना मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर हंगामा और प्रदर्शन करते दिखे हैं। इन शिक्षकों ने बताया कि उनकी नियुक्ति तत्कालीन राबड़ी सरकार के कार्यकाल में हुई थी. लेकिन नीतीश सरकार ने उन्हें तीन साल बाद ही हटा दिया। जिसके बाद से अब तक उनकी मांगों को दूर नहीं किया गया है। 

इन शिक्षकों ने बताया कि हमारी नियुक्ति सारी अहर्ताओं को पूरा करने के बाद की गई थी, लेकिन हमें काम से हटा दिया गया। जिसके बाद से अब तक 50 से अधिक बार हमने मुख्यमंत्री से मिलने के लिए आवेदन दिया। लेकिन आज तक सीएम ने हमसे मुलाकात करना जरुरी नहीं समझा गया। शिक्षकों ने बताया कि चुनाव के दौरान यह वादा किया गया कि हमें फिर से काम पर बहाल कर दिया जाएगा, लेकिन अब भी ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है। 

22 हजार में सात हजार की हुई नियुक्ति

बिहार के 38 जिलों से पटना में विरोध प्रदर्शन करने के लिए जुटे शिक्षकों ने बताया कि 2006 में 22 हजार के करीब शिक्षकों को काम से हटाया गया था, जिसके बाद हाईकोर्ट में अपील दायर की गई, जहां से भी कोई लाभ नहीं हुआ। इस दौरान नीतीश सरकार ने लगभग सात हजार शिक्षकों को फिर से बहाल कर दिया, लेकिन समान अनुभव होने के बाद भी 15 हजार शिक्षकों के भविष्य को अंधेरे में डाल दिया गया है। हम नीतीश सरकार से मांग करते हैं कि हमें फिर से नौकरी पर बहाल किया जाए।



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