रघुवंश vs रामा के ड्रामा से राजद का फुल रहा है दम, रघुवंश बाबू ने आखिर क्या कह दिया है कि लालू सकते में आ जा रहे हैं,पढ़िए इनसाइड स्टोरी

रघुवंश vs रामा के ड्रामा से राजद का फुल रहा है दम, रघुवंश बाबू ने आखिर क्या कह दिया है कि लालू सकते में आ जा रहे हैं,पढ़िए इनसाइड स्टोरी

Patna: बिहार के वैशाली से आने वाले बाहुबली सांसद रामा सिंह के साथ लालू यादव और तेजस्वी की हेकड़ी एक अख्खड़ समाजवादी नेता के सामने गुम हो जा रहा है ,आप इसे कुछ इस तरह से भी कह सकते हैं या समझ सकते हैं की रघुवंश बाबू vs रामा के ड्रामा से राजद सुप्रीमो सहित पार्टी की कमान संभाल रहे तेजस्वी यादव भी सकते में जा रहे हैं और बेचारे बाहुबली राम आते हैं का सारा प्लान धरा का धरा रह जा रहा है.

रघुवंश बाबू क्या कह देते हैं कि रामा का प्लान ही फेल हो जा रहा है
अब बड़ा सवाल यह है की देश के वरिष्ठ समाजवादी नेता और वैशाली से 5 बार सांसद रह चुके रघुवंश प्रसाद सिंह को वैशाली से ही आने वाले बाहुबली सांसद रामा सिंह से आखिर क्या खुन्नस है जो उन्हें राजद में आने ही नहीं देना चाहते. आखिर रघुवंश बाबू के किस घुड़की पर राजद सुप्रीमो को सांप सूंघ जा रहा है.  गौरतलब है कि रामा सिंह राबड़ी देवी से मिलकर तेजस्वी यादव से इजाजत लेकर दो दो बार पार्टी में इंट्री का ऐलान कर चुके हैं. लेकिन रघुवंश बाबू हैं कि मानते ही नहीं. गौरतलब है कि जब पहली दफा रामा सिंह अपने राजद में इंट्री का ऐलान किया और तेजस्वी यादव ने हामी भरी तो उस दौरान रघुवंश बाबू एम्स में कोरोना का इलाज करवा रहे थे. यह खबर जैसे ही उनके कानों तक पहुंची तो वह बमक गए और कहा की अगर ऐसा हुआ तो मैं तत्काल इस्तीफा दे दूंगा. बस फिर क्या था लालू यादव ने तेजस्वी यादव को कह कर रामा के एंट्री पर विराम लगा दिया.

इस बार फिर जब रामा सिंह ने राबड़ी देवी से मुलाकात कर 29 अगस्त को पार्टी में एंट्री का ऐलान किया और तेजस्वी यादव ने मीडिया के सामने हामी भरी तो उस दौरान भी रघुवंश बाबू दिल्ली के अस्पताल में अपना इलाज करा रहे थे. यह बात जैसे ही उन तक पहुंची तो उन्होंने फिर से एक बार इस्तीफे वाली घुड़की दे दी. फिर क्या था राजद सुप्रीमो ने तेजस्वी को कहकर रामा की एंट्री पर विराम लगा दिया.

रघुवंश बाबू को नहीं नाराज करना चाहते लालू,क्यों
अब बड़ा सवाल यह है की रघुवंश बाबू को आखिर राजद सुप्रीमो नाराज क्यों नहीं करना चाहते। बता दें कि लालू यादव से रघुवंश बाबू की दोस्ती करीब 4 दशक पुरानी है। इस समाजवादी नेता ने कभी भी लालू यादव का साथ नहीं छोड़ा। चारा घोटाले में फंसने के बाद भी बराबर रघुवंश बाबू लगातार लालू यादव की वकालत करते रहे। राष्ट्रीय जनता दल से ही लगातार पांच बार वैशाली से सांसद भी चुने जा चुके हैं। वैशाली से ही रामा सिंह 2014 में लोजपा के टिकट पर सांसद चुने गए थे ।लोजपा से नाराजगी बढ़ने के बाद रामा सिंह ने राजद में जाने का मन बनाया था लेकिन रघुवंश बाबू की घुड़की से रामा लगातार परेशानी में आ जा रहे हैं। बिहार विधान सभा चुनाव बिल्कुल सर पर है और इस स्थिति में लालू प्रसाद यादव रघुवंश बाबू जैसे स्वच्छ छवि के नेता को नाराज नहीं करना चाहत। सबको पता है कि जैसे ही रघुवंश बाबू इस्तीफा देंगे तो राजद का राजनीतिक किरकिरी होना तय है। खासकर रघुवंश बाबू जिस वर्ग से आते हैं  उसके वोट बैंक को राजद नाराज नहीं करना चाहती। यही कारण है कि रघुवंश बाबू के इस्तीफे वाली घुड़की से रामा सिंह के एंट्री पर विराम लग जा रहा है।

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