जमालपुर रेल निर्माण कारखाना संघर्ष मोर्चा ने पीएम और रेल मंत्री का किया पुतला दहन, पढ़िए पूरी खबर

जमालपुर रेल निर्माण कारखाना संघर्ष मोर्चा ने पीएम और रेल मंत्री का किया पुतला दहन, पढ़िए पूरी खबर

MUNGER : जमालपुर रेल निर्माण कारखाना संघर्ष मोर्चा ने आज अपने आन्दोलन का शंखनाद कर दिया. इसके मद्देनजर आज उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं रेल मंत्री पीयूष गोयल का पुतला दहन किया. इस मौके पर उन्होंने डीजल शेड को समाप्त करने, रेल इंजन कारखाना के असुरक्षित भविष्य, अधिकारियों द्वारा कारखाना को छोटा इकाई में तब्दील करने की साजिश, रेलवे विश्वविद्यालय की स्थापना की खोखली दलीलें, निजीकरण और बेरोजगारी का मुद्दा उठाया.   

गौरतलब है की सपा जिला अध्यक्ष पप्पू यादव, सहसंयोजक जदयू नेता कन्हैया सिंह के नेतृत्व में मोर्चा में शामिल राजद, सपा, सीपीआई, लोजपा, रालोसपा के कार्यकर्ताओं ने जुबली बेल चौक से जुलूस निकालकर शहर के मुख्य मार्गो का भ्रमण करते हुए पुनः जुबली वेल चौक पहुंच कर पुतला दहन किया. इस दौरान प्रदर्शनकारी  छद्म राष्ट्र भक्ति का स्वांग करने वाले प्रधानमंत्री मुर्दावाद,रेल मंत्री हाय हाय,डीजल शेड को इलेक्ट्रिक सेड में तब्दील करो, कारखाना के भविष्य के साथ छेड़छाड़ बंद करो, रेलवे विश्वविद्यालय की स्थापना करो, रेलवे का निजीकरण वापस लो, छात्र नौजवान के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करो, राष्ट्र विरोधी केन्द्र सरकार इस्तीफा दो आदि नारे लगा रहे थे.  


मौके पर मोर्चा के संयोजक सह सपा जिला अध्यक्ष पप्पू यादव ने केंद्र सरकार द्वारा रेलवे का निजीकरण,   देश में बढ़ती बेरोजगारी और एक साजिश के तहत जमालपुर के रेल कारखाना को खोखला व डीजल शेड को बंद करने के फैसला को प्रधानमंत्री के मानसिक दिवालियापन का प्रमाण बताते हुए कहा की जमालपुर क्षेत्र में स्थापित रेल कारखाना डीजल शेड पूर्व रेलवे में बैठे एक विशेष समुदाय के साजिश का शिकार हो रहा है. जिसमे यहां के मुख्य कारखाना प्रबंधक, कार्मिक पदाधिकारी, सीनियर डीएमई की भागीदारी तो है ही. 

केंद्रीय नेता व सांसद मंत्री भी कम दोषी नहीं है, जो लगातार इस प्रक्षेत्र के आम आवाम को भ्रमित कर अपना उल्लू सीधा कर रहे हैं. यादव ने कहा कि इस क्षेत्र के इलक्ट्रीफिकेशन के दौरान जब रेलवे मुख्यालय कोलकाता में बोर्ड के अधिकारी द्वारा हावड़ा आसनसोल को इलेक्ट्रिक शेड,  वर्द्धमान को ईएमयू शेड और साहिबगंज को डीएमयू और ईएमयू का कार्यभार कार्यभार दिया जा रहा था और जमालपुर को दरकिनार किया जा रहा था तो यहां के अधिकारी, रेल यूनियन के केन्द्रीय व स्थानीय नेता , सांसद व मंत्री  विरोध तक करना उचित नहीं समझा. जिसका भयावह परिणाम सामने आया है. लेकिन संघर्ष मोर्चा खामोश नहीं बैठेगी और अपने संघर्ष से इस साजिश को करारा जवाब देगी.


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