रेलवे ने 22 ट्रेनों को किया रद्द, अग्निपथ के खिलाफ भारी विरोध के बीच रेलवे बन रहा निशाना

रेलवे ने 22 ट्रेनों को किया रद्द, अग्निपथ के खिलाफ भारी विरोध के बीच रेलवे बन रहा निशाना

पटना. सेना भर्ती की अग्निपथ योजना के विरोध में बिहार के कई शहरों में भारी प्रदर्शन के कारण रेलवे को सबसे ज्यादा निशाना बनाया गया है. राज्य की कई रेल रूटों पर रेलसेवा बुरी तरह बाधित हुई है. इस कारण रेलवे ने गुरुवार को 22 ट्रेनों को रद्द कर दिया. पूर्व मध्य रेलवे की ओर से कहा गया है कि अलग अलग रूटों की 22 ट्रेनों को रद्द किया गया है जबकि 5 ट्रेनों का आंशिक समापन किया गया है. 

रेलवे ने इन ट्रेनों को रद्द और आंशिक समापन किया है. 

छपरा, कैमूर में ट्रेनों में आग लगा दी गई. वहीं बक्सर, आरा, नवादा, बांका, सहरसा, सहित कई रेल स्टेशन पर आंदोलकारियों ने ट्रेनों को निशाना बनाया. सेना भर्ती की नई योजना 'अग्निपथ' के विरोध में बिहार में कई शहरों में भारी बवाल शुरू हो गया है. जहानाबाद, बक्सर , मुजफ्फरपुर, आरा, छपरा, कैमूर, नवादा, गया, सहरसा, मुंगेर सहित कई शहरों में गुरुवार सुबह से ही युवाओं की टोली सड़क और रेलवे लाइन जाम कर विरोध करने लगी. कैमूर में एक यात्री ट्रेन को भीड़ ने आग के हवाले कर दिया. बक्सर के डुमरांव में भी रेल लाइन जामकर विरोध जताया गया. नवादा, जहानाबाद सहित कई शहरों में भारी बवाल शुरू हो गया है. सहरसा-मानसी रेलखंड जामकर युवाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया है. प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर रेलसेवा बाधित कर उग्र प्रदर्शन करने से अग्निपथ योजना पर पुनर्विचार करने की मांग की.

गौरतलब है कि अग्निपथ के तहत तीनों सेनाओं में जवानों की कम समय के लिए भर्ती होगी. सैन्य बलों में जवानों की 4 साल के लिए भर्ती होगी। 17 साल 6 महीने से 21 साल तक के लोग भर्ती होंगे. छह महीने की ट्रेनिंग के बाद सैन्य बलों में शामिल होंगे. जवान साढ़े तीन साल फोर्स में एक्टिव ड्यूटी करेंगे। बाद में 75 फीसदी जवानों को रिटायर कर दिया जाएगा. 25 फीसदी जवानों की एक महीने बाद फिर से भर्ती होगी. भर्ती सेना के तय नियमानुसार ही होगी. मेरिट और चार साल के सेवाकाल के दौरान किए गए प्रदर्शन के आधार पर केंद्रीयीकृत और पारदर्शी मूल्य़ांकन होगा. 100 % उम्मीदवार वालंटियर के तौर पर रेगुलर काडर के लिए आवेदन कर सकते हैं.


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