ओवरलोडेड ट्रकों से जर्जर हो रहा राजेंद्र सेतु, पुलिस कर रही लाखों की कमाई

ओवरलोडेड ट्रकों से जर्जर हो रहा राजेंद्र सेतु, पुलिस कर रही लाखों की कमाई

MOKAMA : मोकामा के राजेन्द्र सेतु पर पिछले 36 घण्टे से जाम की स्थिति कायम है. जाम को छुड़ाने में प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं. आलम यह है कि दो किलोमीटर सेतु को पार करने में छः से आठ घण्टे तक लग रहा है. इस जाम के बेगुसराय जिले की चकिया पुलिस पटना जिले के हाथीदह थाना को जिम्मेदार मानते हुए पल्ला झाड़ रही है. जबकी पटना के हाथीदह थानाध्यक्ष चकिया को दोषी ठहरा रहे हैं. जबकी पूरे सेतु पर हाथीदह पुलिस जाम छुड़ाने के लिये पैदल मार्च करती रहती है.

हालाँकि इस जाम के लिए चकिया और हाथीदह थाने की पुलिस दोनों जिम्मेवार हैं. राजेन्द्र सेतु पर रेलवे की ओर से वाहन समेत 30 टन से अधिक का आवागमन वर्जित है. बावजूद इसके कोई और रास्ता नही होने के नाम पर साठ से सौ टन तक के वाहनों का परिचालन कराया जा रहा है, जो राष्ट्रीय संपत्ति और सांस्कृतिक धरोहर राजेन्द्र सेतु को लगातार एक बार फिर से जर्जर बनाती जा रही है. लोग बताते हैं कि इस काम में पुलिस को लाखों की कमाई होती है. कई ट्रक मालिकों ने बताया कि वे थानों को मंथली एंट्री देते हैं तो कई ने बताया की पुलिस रोज पासिंग लेती है. ये एंट्री और पासिंग का खेल सेतु की अवस्था तो जर्जर कर ही रही है. साथ ही बिहार पुलिस पर भी बदनुमा दाग बनता जा रहा है. 

इस मामले की जानकारी पुलिस के आला अधिकारियों को भी है. लेकिन वे जानबूझ कर इसकी अनदेखी कर रहे हैं. ट्रक मालिकों ने बताया कि इस कार्य के लिये हर थाना में अलग अलग दलाल काम करते हैं जो डी टी ओ से लेकर थाना तक एंट्री का काम करते हैं.

आश्चर्यजनक बात यह है कि वर्षों से चल रहे इस काले कारनामे के बाबजूद यह धंधा बन्द क्यों नही हो रहा है. इस सवाल के जबाब में ट्रक मालिक कहते हैं की वे ओवरलोड न चलाएं तो बचता ही नही है और ओवरलोड चलाएं तो एंट्री पासिंग कराना ही पड़ता है.

कुल मिलाकर सारा हानि आम जनता को झेलना पड़ रहा है. ओवर लोडेड वाहनों के खराब होने से कभी जाम के नाम पर तो कभी महंगे बालू गिट्टी के नाम पर.

पटना ग्रामीण से रवि शंकर शर्मा की रिपोर्ट 


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