राज्यसभा में कृषि बिल पेश, विपक्ष बोला- इसका समर्थन मतलब डेथ वारंट पर हस्ताक्षर

राज्यसभा में कृषि बिल पेश, विपक्ष बोला- इसका समर्थन मतलब डेथ वारंट पर हस्ताक्षर

Desk: संसद के मॉनूसन सत्र का आज सातवां दिन है. सरकार ने कृषि संबंधित विधयकों को राज्यसभा में पेश किया. कृषि से जुड़े दो बिल लोकसभा से पहले ही पास हो चुके हैं. 

हालांकि, शिरोमणि अकाली दल जो बीजेपी की सबसे पुरानी सहयोगी थी, उसने बिल का विरोध किया. पार्टी की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया. देशभर के किसान बिल का विरोध कर रहे हैं. कांग्रेस ने सरकार को किसान विरोधी तक करार दिया है.

सपा के सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि सरकार बिल पर बहस नहीं करना चाहती है. वो जल्द से जल्द सिर्फ बिल पास कराना चाहती है. बिल लाने के पहले विपक्ष के नेताओं से बात करनी चाहिए थी. कोरोना के नाम पर अध्यादेश लाया जा रहा है. सरकार ने भारतीय मजदूर संघ तक से विचार नहीं किया. कृषि बिल पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया है. उन्होंने कहा कि राज्यसभा में भाजपा अल्पमत में है. मेरी सभी गैर भाजपा पार्टियों से अपील है कि सब मिलकर इन तीनों बिलों को हरायें, यही देश का किसान चाहता है.

बीजेपी सांसद भूपेंद्र यादव ने कहा कि कांग्रेस के लिए किसान सिर्फ एक वोटबैंक हैं. हमारे लिए किसान समाज का विकास करने वाला है. हम सच्चाई के साथ हैं. MSP को हटाने का कोई निर्णय नहीं और हम इस झूठ को 2024 तक आठ बार उजागर करेंगे, क्योंकि वह 2024 तक यहां हैं. भूपेंद्र यादव ने कहा कि यह उसी प्रकार का झूठ है, जो कांग्रेस ने CAA-NRC के दौरान बोला. वे लोगों को गुमराह करना चाहते हैं.


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