जब प्रधानमंत्री बनते-बनते रह गए थे रामविलास पासवान,मुलायम सिंह यादव दिया था गच्चा

जब प्रधानमंत्री बनते-बनते रह गए थे रामविलास पासवान,मुलायम सिंह यादव दिया था गच्चा

DESK: बात उन दिनों की है जब रामविलास पासवान देश के पहले दलित पीएम बनते-बनते रह गए थे. समाजवादी नेता मुलायम सिंह यादव ने अमर सिंह के कहने पर रामविलास पासवान के मंसूबों पर पानी फेर दिया था और शेर दलित प्रधानमंत्री के तौर पर दक्षिण भारत के नेता एच डी देवगौड़ा का नाम आगे कर दिया. 

पहले दलित प्रधानमंत्री होते रामविलास

बात 1996 की है जब अटल बिहारी वाजपेई की सरकार 13 दिनों में ही अल्पमत की वजह से गिर गई थी और दूसरी तरफ केंद्र में संयुक्त मोर्चे की सरकार को लेकर कांग्रेस वामदलों और कुछ अन्य पार्टियों के साथ सहमति बनाने की तैयारी चल रही थी. विश्वनाथ प्रताप सिंह ने प्रधानमंत्री पद ग्रहण करने से मना कर दिया वहीं मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने भी ज्योति बसु को प्रधानमंत्री बनाने  की स्वीकृति नहीं दी .उसी वक्त रामविलास पासवान के पहले दलित पीएम होने की संभावना कुलांचे मार रही थी. बताया जाता है कि रामविलास पासवान ही प्रधानमंत्री पद को संभालने के लिए इच्छुक थे.

लेकिन उनके मंसूबों पर पानी फेरने का काम उस दौरान के पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के बड़े नेता के तौर पर अपनी पहचान बना चुके मुलायम सिंह यादव ने किया. पत्रकार बताते हैं कि अपने करीबी अमर सिंह के कहने पर मुलायम सिंह यादव ने रामविलास पासवान के बजाय दक्षिण भारत के दलित नेता एच डी देवगौड़ा का नाम प्रधानमंत्री पद के लिए आगे कर दिया. सबको एक करने का भार वामदल के बड़े नेता पर हर किशन सिंह सुरजीत को सौंपा गया जिसमें वह सफल रहे थे और रामविलास पासवान के प्रधानमंत्री बनने के मंसूबों पर पानी फिर गया.

बता दें कि रामविलास पासवान की कोशिशों से ही मुलायम सिंह यादव जनता दल के साथ जुड़े थे .बताया जाता है कि इसी दौरान दोनों के बीच सहमति भी बनी थी कि मुलायम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे और अगर गठबंधन की सरकार केंद्र में बनती है तो रामविलास पासवान को प्रधानमंत्री बनाया जाएगा लेकिन यह पूरा राजनीतिक खेल अमर सिंह ने बिगाड़ कर रख दिया .सबको पता है कि उस दौरान समाजवादी नेता अमर सिंह के इशारे पर ही मुलायम सिंह यादव चला करते थे.

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