तेजस्वी से मिलने के बाद रघुवंश प्रसाद पर रामा सिंह का बयान, बोले- पार्टी बड़ी होती है, व्यक्ति बड़ा नहीं होता, पहले ही सबकुछ कर लिया था तय

तेजस्वी से मिलने के बाद रघुवंश प्रसाद पर रामा सिंह का बयान, बोले- पार्टी बड़ी होती है, व्यक्ति बड़ा नहीं होता, पहले ही सबकुछ कर लिया था तय

पटना : रघुवंश प्रसाद के निधन के बाद अब रामा सिंह की एंट्री राबड़ी आवास में हो गई है. आज रामा सिंह राबड़ी आवास पहुंचे. जहां उन्होंने तेजस्वी यादव से करीब 2 घंटे तक मुलाकात की. तेजस्वी यादव से मुलाकात करने के बाद रामा सिंह ने आरजेडी में एंट्री को लेकर बड़ा बयान दिया है. रामा सिंह ने कहा है कि हम अपनी सहमति आरजेडी में आने की पहले ही दे चुके हैं. 1-2 दिनों में पार्टी का जो भी निर्णय होगा, वो आप लोगों को बता दिया जाएगा. 

रघुवंश प्रसाद सिंह पर क्या बोले रामा सिंह

आगे रामा सिंह ने कहा कि पूरे बिहार में आरजेडी की लहर है. बिहार विधानसभा चुनाव में शानदार जीत होगी. बहुमत के साथ सरकार बनेगी. और जब मीडिया ने सवाल किया कि आपके आरजेडी में एंट्री से अपने जीवन के आखिरी वक्त में रघुवंश प्रसाद सिंह नाराज थे. तो इस पर रामा सिंह ने कहा कि ये सब बाते नहीं है. पार्टी बड़ी होती है. व्यक्ति बड़ा नहीं होता है. हम काफी पहले से तय कर चुके हैं कि हम आरजेडी में शामिल होंगे. साथ ही रामा सिंह ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने से साफ तौर पर इनकार कर दिया है. 

बता दें कि रामा सिंह ने आरजेडी में शामिल होने की तैयारी तो चार महीने पहले ही कर ली थी. उनके आरजेडी की सदस्यता लेने की 29 जून की तारीख भी तय हो गई थी, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके चलते तेजस्वी यादव ने रामा सिंह की एंट्री की तारीख को टाल दिया था, लेकिन अब जबकि रघुवंश बाबू का निधन हो गया है ऐसे में रामा सिंह को शामिल कराने की रणनीति का कोई नेता विरोध करने वाला नहीं है. 

जानिए कौन हैं रामा सिंह 

रामा किशोर सिंह उर्फ रामा सिंह बिहार के बाहुबली नेता के तौर पर जाने जाते हैं. 90 के दशक में रामा सिंह का एक नाम तेजी से उभरा था. हाजीपुर से सटे वैशाली के महनार इलाके में उनकी तूती बोलती थी. रामा सिंह पांच बार विधायक रहे हैं और 2014 के मोदी लहर में राम विलास पासवान की एलजेपी से वैशाली से सांसद रह चुके हैं. रामा सिंह ने आरजेडी के कद्दावर नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह को हराया था. इसी हार के बाद रघुवंश प्रसाद रामा सिंह का नाम तक नहीं सुनना चाहते हैं. 

रामा सिंह की इंट्री को लेकर जब रघुवंश प्रसाद सिंह ने विरोध किया था तो उन्होंने कहा था पार्टी किसी की जागीर नहीं होती है और पार्टी से ऊपर कोई नहीं होता है.कौन मेरे आने का विरोध करता है इसको लेकर मुझे कुछ ज्यादा नहीं कहना है. रघुवंश प्रसाद सिंह पर तंज कसते हुए रामा सिंह ने कहा था कि 1990 से जब भी रघुवंश प्रसाद सिंह उनके खिलाफ चुनाव लड़े हैं, उसमें उनकी हार हुई है.

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