रालोजपा कार्यालय में रामचन्द्र पासवान की मनायी गयी जयंती, केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस ने कहा- रामचन्द्र पासवान दलितों और गरीबों के मुखर आवाज थे

रालोजपा कार्यालय में रामचन्द्र पासवान की मनायी गयी जयंती, केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस ने कहा- रामचन्द्र पासवान दलितों और गरीबों के मुखर आवाज थे

दिल्ली. दक्षित सेना के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सांसद स्व. रामचन्द्र पासवान की आज 65वी जयंती मनायी गयी. इसके लिए राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी एवं दलित सेना के केन्द्रीय कार्यालय नई दिल्ली में कार्यक्रम आयोजित हुआ. रालोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केन्द्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस एवं बिहार रालोजपा अध्यक्ष सांसद प्रिंस राज की उपस्थिति में पार्टी कार्यकर्ताओं एवं परिवार के लोगों के साथ रामचन्द्र पासवान की जयंती मनायी गयी.

इस अवसर पर सर्वप्रथम पारस, प्रिंस राज, कृष्ण राज, यश राज, डॉ. आनन्द और परिवार के लोगों ने रामचन्द्र पासवान के तत्य चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर नमन किया. इस दौरान केंद्रीय मंत्री पारस ने कहा की रामचन्द्र पासवान हम तीनों भाईयों में सबसे छोटे थे और हम तीनों भाइयों के बीच अद्धभुद प्रेम और सौहार्द था. रामचन्द्र पासवान के निधन के साल भर के बाद ही मेरे सबसे बड़े भाई स्व. राम विलास पासवान का असमय निधन हो गया. उनके निधन व पार्टी और पूरे परिवार को जो छवि और नुकसान हुआ उसकी भरपाई संभव नहीं है.

पारस ने कहा कि रामचन्द्र पासवान रोसड़ा और समस्तीपुर से चार बार सांसद बने. वह काफी लोकप्रिय थे. वे दलितों, शोषितों और कमजोर वर्ग के मुखर आवाज थे. उनका पूरा राजनितिक, सामाजिक, संसदीय जीवन गरीबों, दलितों और जनसामान्य के भलाई एवं कल्याण के लिए समर्पित रहा. रामचन्द्र पासवान की जयंती के अवसर पर उनके छोटे पुत्र सांसद प्रिंस राज ने उनको याद करते हुए कहा कि मेरे पापा हमारे जीवन का अभिन्न अंग थे.

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