सेब खरीदने वाले रहें सावधान, केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान भी हो चुके हैं ठगी के शिकार...जानिए पूरा मामला

सेब खरीदने वाले रहें सावधान, केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान भी हो चुके हैं ठगी के शिकार...जानिए पूरा मामला

फलों और सब्जियों पर कृत्रिम रंग और केमिकल के जरिए चमकीला बनाकर बाजार में बेचने का चलन आम है, लेकिन जब एक केंद्रीय मंत्री ही इसका शिकार बन जाए तो फल बेचने वाले के खिलाफ एक्शन होना लाजिमी है। मंत्री जी जब इसके शिकार हुए तो दिल्ली के मशहूर और बेहद पॉश खान मार्केट में फल विक्रेता पर गाज गिरना ही था।

यह घटना हुई केंद्रीय खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान के साथ जिन्होंने सलाद खाने की इच्छा जताई और अपने स्टाफ से रशियन सलाद की व्यवस्था करने को कहा। मंत्री के आदेश के बाद स्टाफ रशियन सलाद बनाने के लिए जरूरी सामान और फल लाने के लिए बाजार चला गया। बाजार से सामान और फल आने के बाद स्टाफ ने रशियन सलाद बनाने की प्रक्रिया शुरू की। इस बीच केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने एक-एक करके सभी फलों को ठीक से धोने की हिदायत भी दे दी।

मंत्री की हिदायत के बाद स्टाफ ने बारीकी से फल धोना शुरू किया, लेकिन जब सेब को धोने की कोशिश की गई तो वह ठीक से धुल नहीं पा रहा था। पानी से धोने पर सेब हाथ से फिसल रहा था। इसके बाद स्टाफ ने सेब को चाकू से खुरचा तो उस पर वैक्स लगा हुआ मिला। असल में दुकानदार ने फल में बाहरी चमक लाने के लिए उस पर वैक्स लगा रखा था। फलों और सब्जियों पर कृत्रिम रंग और केमिकल के जरिए चमकीला बनाकर बाजार में ऊंचे दाम पर बेचा जाता है। फल विक्रेता अक्सर हानिकारक केमिकल और वैक्स का प्रयोग फलों की बाहरी चमक बढ़ाने के लिए करते हैं जिसके झांसे में आम लोग आ जाते हैं।

राम विलास पासवान ने जब फल ठीक से नहीं धुलने की वजह अपने स्टाफ से पूछा तो उसने बताया कि खान मार्केट के एक नामी फल की दुकान से सेब खरीद कर लाया है। मंत्री ने जब सेब की कीमत पूछा तो कीमत जानकर वह चौंक गए। स्टाफ ने उन्हें बताया कि सेब 420 रुपये किलो के हिसाब से खरीदा है। इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने अपने अधिकारियों को फोन करके इस मामले की जानकारी दी। खास बात यह है कि इस तरह की मिलावट को रोकने की जिम्मेदारी खुद पासवान के ही मंत्रालय की है।

पासवान के फोन के बाद तुरंत विभाग हरकत में आया। उपभोक्ता मंत्रालय की टीम ने खान मार्केट की उस फल की दुकान पर छापा मारा जहां से फल खरीदा गया था। इस टीम में उनके वाट-माप विभाग के अधिकारी भी शामिल थे। छापे में अधिकारियों को सभी फलों पर वैक्स और केमिकल लगा हुआ पाया। छापे के बाद नियमों को उल्लंघन करने पर फल विक्रेता का चालान भी काट दिया गया। हालांकि दुकानदार का कहना है कि उसने अमेरिकन सेब आजादपुर मंडी से लिया था। शिकायत आने के बाद उसने तुरंत दुकान से फल हटा दिया था।

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