पशुपति पारस ने की बड़ी मांग, कहा- रामविलास पासवान को मिले भारत रत्न, पटना में लगे आदमकद प्रतिमा

पशुपति पारस ने की बड़ी मांग, कहा- रामविलास पासवान को मिले भारत रत्न, पटना में लगे आदमकद प्रतिमा

PATNA : आज से जहाँ चिराग पासवान आशीर्वाद यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं. वहीँ आज लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान की जयंती भी मनाई जा रही है. इस मौके पर रामविलास पासवान के भाई पशुपति कुमार पारस ने राज्य और केंद्र सरकार से बड़ी मांग की है. उन्होंने कहा की आज रामविलास पासवान हमलोगों के बीच नहीं हैं. वे पूरे देश में इतने लोकप्रिय थे शोषित हो, गरीब हो, अतिपिछडा हो.दलित हो ऊँची जाति के लोग हो. सबके लिए लडाई लड़ते रहे.जेल गए, मार खाए और 52 वर्ष तक देश की राजनीति में रहे.

उन्होंने कहा की रामविलास पासवान 1969 से लगातार विधानसभा, लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य रहे. 6 प्रधानमंत्रियों के साथ काम करने का उन्हें मौका मिला. गिनीज बुक में दो दो बार उनका नाम लिखा गया. एक बार 1989 और दूसरी बार 1977 में लिखाया. रेल मंत्री बनने के बाद उन्होंने हाजीपुर में जोनल ऑफिस खुलवाया. राजधानी से राजधानी एक्सप्रेस चलवाया. लोगों ने कहा की राजधानी एक्सप्रेस में भीड़ कहाँ से आएगी. आज सबसे अधिक भीड़ राजधानी एक्सप्रेस में ही होती है. संचार विभाग को टुटा फूटा विभाग माना जाता था. आज लोगों के पास जो मोबाइल है. वह रामविलास पासवान की ही देन हैं. 

उन्होंने कहा की रामविलास पासवान ने कहा था की मोबाइल को बैगन के भाव से बिकवा दूंगा. आज वहीँ हो रहा है. उन्होंने कहा की रामविलास पासवान को दूसरा अम्बेडकर माना जाता है. इसलिए हमारी मांग प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से है की रामविलास पासवान को भारत रत्न दिया जाए. साथ ही पार्टी के कार्यालय को राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया जाये. साथ कार्यालय के पास उनकी आदमकद प्रतिमा लगायी जाए. 

पटना से वंदना शर्मा की रिपोर्ट 


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