स्मृति शेष: बिहार के एक छोटे गांव से निकले रामविलास पासवान ने 6 प्रधानमंत्री के कैबिनेट में मंत्री रहने का बनाया था रिकार्ड

स्मृति शेष: बिहार के एक छोटे गांव से निकले रामविलास पासवान ने 6 प्रधानमंत्री के कैबिनेट में मंत्री रहने का बनाया था रिकार्ड

पटनाः  केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का निधन हो गया है. वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और गुरूवार की शाम दिल्ली के एक अस्पताल में उऩका निधन हो गया।. उनके निधन की दुखद खबर रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान ने ट्वीटर पर दी .पासवान के निधन की खबर के बाद पूरे बिहार समेत देश भर में शोक की लहर दौड़ गई है।

राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री, सीएम नीतीश कुमार,लालू प्रसाद समेत बिहार के तमाम नेताओं ने शोक जताया है।सीएम नीतीश ने अपने शोक संदेश में कहा है कि राम विलास पासवान देश की राजनीति के बड़े हस्ताक्षर थे।उऩके साथ हमारा काफी अत्मीय संबंध थे।उऩका निधन हमारी व्यक्तिगत क्षति है।वहीं राजद सुप्रीमों  लालू प्रसाद ने ट्वीट कर लिखा है कि रामविलास भाई के निधन का दुःखध समाचार सुनकर मर्माहत हूं।पिछले 45 साल का अटूट रिश्ता था।


खगड़िया के शहरबन्नी गांव में एक साधारण परिवार में जन्मे पासवान ने छात्रसंघ से राजनीति में कदम रखा था। वह जेपी आंदोलन में भी बिहार में मुख्य किरदार थे। वे देश के दलितों की हित के लिए संघर्ष करते रहे। मृदुभाषी होने के कारण सभी के दिल में उनके लिए जगह थी।पहली बार वर्ष 1969 में वह विधायक बने। वर्ष 1977 में पहली बार मतों के विश्व रिकॉर्ड के अंतर से जीतकर लोकसभा पहुंचे। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। केंद्र में एनडीए की सरकार हो या यूपीए की, उनका महत्व समान रूप से बना रहा। उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

रामविलास पासवान 6 प्रधानमंत्रियों के साथ काम कर चुके थे। 1996 से 2015 तक केन्द्र में सरकार बनाने वाले सभी गठबंधन चाहे वह यूपीए हो या फिर एनडीए, सबके हिस्सा रहे। यही वजह रही कि, लालू प्रसाद ने उनको ‘मौसम वैज्ञानिक की उपाधि दी थी। रामविलास पासवान खुद भी स्वीकार कर चुके थे कि वह जहां रहते हैं सरकार उन्हीं की बनती है। मतलब राजीतिक मौसम का पुर्वानुमान लगाने में वे माहिर थे। वे समाजवादी पृष्ठभूमि के बड़े नेताओं में से एक थे। हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र से वह कई बार चुनाव जीते, लेकिन एक बार उन्होंने सबसे अधिक वोट से जीतने का गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था।  

जानिए कब-कब रहे कैबिनेट मंत्रीे

1989- श्रम कल्याण मंत्री

1996- रेल मंत्री

1996- संसदीय मामलों के मंत्री

1999- संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री

2001- कोयला और खदान मंत्री

2004- रसायन व उर्वरक, स्टील मंत्री

2014 - उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय और पीडीएस

2019- उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय और पीडीएस

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