रामविलास पासवान के दामाद का खुला चैलेंज,चिराग बिहारी नहीं अप्रवासी...है हिम्मत तो अपने गांव की चौहद्दी बता दें

रामविलास पासवान के दामाद का खुला चैलेंज,चिराग बिहारी नहीं अप्रवासी...है हिम्मत तो अपने गांव की चौहद्दी बता दें

पटनाः लोजपा सुप्रीमो चहुंओर घिर गए हैं। सीएम नीतीश को जेल  भेजने की बात कहने वाले चिराग पासवान को बिहार की जनता ने पैर के नीचे से जमीन ही खींच ली है। हद तो तब हो गई जब पूरे पूरे चुनाव के दौरान पीएम मोदी के हनुमान का रट्टा लगाने वाले चिराग पासवान अपने पिता वाली राज्यसभा सीट भी नहीं बचा पाये। बीजेपी ने रामविलास पासवान के निधन से खाली हुई राज्यसभा की सीट को भी छीन लिया।इधर रामविलास पासवान के दामाद ने चिराग पासवान पर बड़ा हमला बोला है। पासवान के दामाद अनिल कुमार साधु ने तो यहां तक कह दिया कि चिराग बिहारी हैं कहां? वे तो अप्रवासी हैं, बिहार से क्या मतलब है इनको?

चिराग अपने गांव की चौहद्दी बता दें?

रामविलास पासवान के दामाद अनिल कुमार साधु ने न्यूज4नेशन से बातचीत में कहा कि चिराग पासवान पूरी तरह से अप्रवासी हैं. बिहार से कोई मतलब नहीं रहा,जिसका जन्म,पढ़ाई-लिखाई सबकुछ बाहर हुआ हो और गांव-जवार से कोई मतलब नहीं रहा हो उसके मुंह से बिहार और बिहारी की बातें शोभा नहीं देती। चिराग के साले साधु ने लोजपा सुप्रीमो को चुनौती देते हुए कहा कि हिम्मत है तो वे अपने गांव की चौहद्दी बता दें....उको अपने गांव की चौहद्दी बी पता नहीं हैषजिसको अपने गांव और बिहार की चौहद्दी के बारे में जानकारी नहीं वो कैसे बिहारी हो सकता है ? अनिल साधु ने आगे कहा कि इस बार चिराग पासवान वोट देने गांव गए थे। इसके पहले वे गांव कब गए थे जरा बता दें.....।

पीएम मोदी के नकली हनुमान निकले चिराग

 पासवान के दामाद अनिल साधु ने चिराग पर अटैक करते हुए कहा कि पूरे चुनाव में अपने आप को पीएम मोदी का हनुमान बताने वाले चिराग को भाजपा ने राज्यसभा की सीट भी नहीं दी। ये पीएम मोदी के कैसे हनुमान थे जो अपनी पिता की राज्यसभा सीट भी नहीं बचा पाये। रामविलास पासवान के निधन के बाद खाली हुई सीट को भाजपा ने चिराग  से छीन ली। ऐसे में तो यही कहा जा सकता है कि ये पीएम मोदी के नकली हनुमान थे। चिराग कहते चल रहे थे कि उनके दिल में पीएम मोदी बसते हैं,वे ये कभी नहीं कहे कि उनके दिल में रामविलास पासवान बसते हैं। लेकिन हम उनके दामाद हैं हमारी छाती में एक तरफ रामविलास पासवान हैं तो दूसरी तरफ बाबा साहब अंबेडकर बसते हैं.

लोजपा 21 वां स्थापना दिवस नहीं मना पायेगी

रामविलास पासवान के दामाद ने आगे कहा कि आज लोजपा का 20 वां स्थापना दिवस कार्यक्रम था। लेकिन हमने देखा कि काफी कम लोग शिरकत किये थे। अधिकांश नेताओं ने पार्टी से दूरी बना ली है। जो बचे हुए हैं वो भी आगे चलकर निकलने वाले हैं।रामविलास पासवान के निधन के बाद पार्टी दूसरे एजेंडे पर निकल गई है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि लोजपा 21 वीं स्थापना दिवस भी नहीं मना पायेगी।

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