RCP सिंह ने सिर्फ अपने लिए की बात! कुशवाहा बोले- 2019 की बात अलग थी...इस बार रामचंद्र बाबू को किया गया था अधिकृत

RCP सिंह ने सिर्फ अपने लिए की बात! कुशवाहा बोले- 2019 की बात अलग थी...इस बार रामचंद्र बाबू को किया गया था अधिकृत

PATNA: जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह मोदी कैबिनेट में मंत्री बने हैं। उन्होंने मंत्री पद की शपथ लेने के बाद आज पदभार भी संभाल लिया. लेकिन 'साहब' ने आरसीपी सिंह को बधाई तक नहीं दी। जेडीयू ने अपने अध्यक्ष आरसीपी सिंह को केंद्रीय मंत्रिमंडल में हिस्सेदारी को लेकर बीजेपी से बात करने के लिए अधिकृत किया था। आरसीपी सिंह ने बात तो की लेकिन अपने लिये. 16 सांसदों वाले दल से रामचंद्र प्रसाद सिंह इकलौते मंत्री बने हैं। जेडीयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने साफ कहा कि फैसला लेने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह को अधिकृत किया गया था।

आरसीपी सिंह को फैसला के लिए अधिकृत किया था-कुशवाहा

पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए जेडीयू संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया है. अब बात यहीं खत्म हो गई।कुशवाहा ने कहा कि 2019 की स्थिति अलग थी। इस बार पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह को फैसला के लिए अधिकृत किया था. उस अधिकार के तहत उन्होंने फैसला लिया,उसका कार्यान्वयन हो गया। बात यहीं खत्म हो गई। केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार होना था, हो गया यह रूटीन वर्क है। जेडीयू की 4 मंत्रियों की डिमांड पर कुशवाहा ने कहा कि डिमांड तो सिर्फ पार्टी नेतृत्व को जानकारी थी,दूसरे किसी को तो जानकारी नहीं थी। मीडिया में तो अनुमान के आधार पर जेडीयू का डिमांड दिखाया जा रहा था। 

साहेब ने आरसीपी को नहीं दिया बधाई संदेश 

दरअसल,आरसीपी सिंह सांसद बनने से पहले आईएएस अधिकारी रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें अपना प्रधान सचिव बनाया था। इसके पहले नीतीश कुमार जब रेल मंत्री थे तब भी आरसीपी सिंह उनके साथ थे। आरसीपी सिंह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को साहब कह कर संबोधित करते हैं। वे नीतीश कुमार के सबसे विश्वस्त और नजदीकी माने जाते हैं. नीतीश कुमार की कृपा से ही वे राज्यसभा सांसद बने,जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। अब नरेंद्र मोदी की कैबिनेट विस्तार में नीतीश कुमार के खासमखास आरसीपी सिंह को इस्पात मंत्रालय का कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। लेकिन साहेब ने सोशल मीडिया में अपने विश्वासपात्र को मंत्री बनाए जाने पर बधाई संदेश तक नहीं दिया।

 आरसीपी सिंह ने इस्पात मंत्री का ग्रहण किया प्रभार

आरसीपी सिंह ने आज उद्योग भवन जाकर इस्पात मंत्रालय का पदभार संभाल लिया। तब भी सीएम नीतीश जिसे आरसीपी सिंह सम्मान में साहब कहकर संबोधित करते हैं उन्होंने बधाई का कोई मैसेज नहीं दिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ट्वीटर या फेसबुक देखेंगे तो बधाई का संदेश नहीं दिखेगा। जानकार बताते हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की शांति बहुत कुछ इशारा कर रही है। बताया जाता है कि केंद्रीय कैबिनेट में जेडीयू कोटे में महज एक सीट मिलने से नीतीश कुमार नाखुश और असहज हैं। 

तो आरसीपी सिंह से खुश नहीं हैं सीएम नीतीश ?

आरसीपी सिंह को मंत्री बनाये जाने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की चुप्पी से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकार तो यहां तक कहते हैं कि आरसीपी सिंह ने बीजेपी नेतृत्व को खुद के लिए तैयार करा लिया। लिहाजा एक मंत्री पद मिलने पर नीतीश कुमार की पूर्ण सहमति नहीं होने के बाद भी राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर आरसीपी सिंह ने हामी भर दी और कैबिनेट में शामिल हो गये । कैबिनेट विस्तार से पहले जेडीयू राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह लगातार यह कह रहे थे कि हम एनडीए के पार्ट हैं । वे कई दफे कह चुके थे कि केंद्रीय कैबिनेट विस्तार में जेडीयू शामिल होगा। बुधवार को कैबिनेट का विस्तार से पहले सीएम नीतीश कुमार ने मीडिया से बातचीत में यह कहकर इस बात की पुष्टि कर दी थी कि मंत्री पद को लेकर जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह बात कर रहे हैं.

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