छपरा शराब कांड में मरनेवालों के असली आंकड़ें आएंगे सामने, एनएचआरसी करेगी जांच

छपरा शराब कांड में मरनेवालों के असली आंकड़ें आएंगे सामने, एनएचआरसी करेगी जांच

DESK : छपरा में हुए शराब कांड पर बिहार सरकार भले ही वास्तविक आंकड़े छिपाने में लगी हो, लेकिन मरनेवालों के असली आंकड़े जल्दी ही सामने आएंगे। बताया जा रहा है कि जहरीली शराब से मौत (Death due to spurious liquor in Bihar) मामले की जांच एनएचआरसी (National Human Rights Commission of India) करेगी। इसको लेकर केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि इसे आयोग ने संज्ञान में लिया है. वह एक स्वतंत्र संस्था है. उसे अधिकार है जांच करने का. इस मामले में दोषी पर कार्रवाई होना जरूरी है।  राज्य सरकार आंकड़े को छुपा रही है. जो जांच में सामने आ जाएगी. 

नीतीश कुमार दोषी कर कार्रवाई करने के बदले व्यंग्य की भाषा बोल रहे हैं। इसे आयोग ने संज्ञान में लिया है. वह एक स्वतंत्र संस्था है। उसे अधिकार है जांच करने का। इस मामले में दोषी पर कार्रवाई होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि शराब जब्त होती है तो पता नहीं वह कहां चली जाती है. जो स्प्रीट जब्त होती है, उसे माफिया और शराब बनाने वाले ठेकेदार को दे दिया जाता है।इसमें बिहार सरकार, सासन और पुलिस शामिल है इसलिए इस तरह की घटनाएं घट रही है. सारी मौत के जिम्मेवार नीतीश कुमार हैं. उन्हें दोषियों पर कार्रवाई करना चाहिए। लेकिन वे व्यंग्य की भाषा बोल रहे हैं. व्यंग्य की भाषा अच्छी भाषा नहीं होती है।

70 से अधिक लोगों को हो चुकी है मौत

आशंका जताई जा रही है मृतकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है, क्योंकि कई लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है. बीमार लोगों का इलाज छपरा सदर अस्पताल, पीएमसीएच और एनएमसीएच में चल रहा है. जहरीली शराब पीने से अब तक 25 लोगों की आखों की रोशनी भी चली गई है. अधिकारिक तौर पर अब तक 70 से ज्यादा मौतों की पुष्टि की गई है. वहीं, इस मामले में थानेदार और चौकीदार पर गाज गिरी है. एसपी संतोष कुमार (SP Santosh Kumar) ने दोनों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है. SDPO का ट्रांसफर किया गया है. मढ़ौरा डीएसपी पर भी तबादले की तलवार लटकी है.


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