रेड लाइट एरिया में आखिर क्यों जाना चाहती है पटना की युवती, पुलिस अधिकारी भी हुए परेशान

रेड लाइट एरिया में आखिर क्यों जाना चाहती है पटना की युवती, पुलिस अधिकारी भी हुए परेशान

आप को बता दें  पटना के महिला हेल्प लाइन (Woman Helpline Patna) में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया. जानकारी के मुताबिक यहां लिव इन रिलेशनशिप (live in relationship) में रहने वाला एक प्रेमी युगल (couple) अपनी शिकायत लेकर पहुंचा था. दोनों ने अपनी जो समस्‍या बताई, उसे सुनकर महिला हेल्‍पलाइन की परामर्शी (counselor) भी हैरान रह गईं. ऐसा पहल मामला पुलिस के सामने आया है जिसमे पुलिस को समझ में नहीं आया कि इस मामले में किसे पीड़ि‍त मानें और किसे आरोपित. 

मामला जिस युवती से जुड़ा है वह देह व्‍यापार (Human traficing) के दलदल से निकल कर बाहर आई है. वह जिस लड़के के साथ रह रही है, उसी ने बुरे दौर से उसे बाहर लाया. लेकिन अब युवती उसके साथ नहीं रहना चा‍हती है. पटना के कंकड़बाग का रहने वाला एक लड़का अपनी प्रेमिका से परेशान होकर हेल्प लाइन में आवेदन देने के लिए पहुंचा था. लड़के ने आवेदन देते हुए कहा कि उसने अरवल के एक रेड लाइट एरिया से लड़की को बचा कर अपने साथ पटना लेकर आया था. इसके बाद पटना में ही आराम से दोनों एक साथ रहने लगे. साथ रहते हुए दोनों एक-दूसरे से प्यार करने लगे और इस दौरान दोनों को एक बेटा भी हुआ.

युवक ने महिला हेल्‍पलाइन में बताया कि लड़की अब साथ में रहना नहीं चाहती है. लड़के ने बोला लड़की मानसिक रूप से परेशान कर रही है. साथ ही लड़के ने अपने आवेदन में कहा कि वो मुस्लिम समुदाय से ताल्‍लुक रखता है और लड़की हिंदू है लेकिन आज तक उसने कभी धर्म को लेकर कोई जबरदस्ती या परेशान नहीं किया. लड़की ने अपने पक्ष को रखते हुए कहा कि वो लड़के के साथ नहीं रहना चाहती है और वो अपने पुराने जीवन में ही ज्यादा खुश थी. वहीं लड़के ने अपने आवेदन के बाद अधिकारियों से गुहार लगाई कि अगर लड़की वापस अपने पुराने जीवन में जाना चाहती है तो बेटा को उसको सौंप कर जाए. 

युवक का यह भी दावा है कि लड़की को उसके पिता ने ही 70 हजार रुपये में बेच दिया था. बावजूद इसके वह अब भी अपने पिता से संपर्क में रहती है. युवक का कहना है कि इन सब बातों से उसे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. महिला हेल्‍पलाइन की काउंसलर ने युवती को काफी समझाया कि वह अपनी पु‍रानी जिंदगी में लौटने का ख्‍याल छोड़ दे.

परिवार के साथ रहते हुए सामाजिक और पारिवारिक जिम्‍मेदारियों का दबाव हो सकता है, लेकिन इसका फायदा भी पूरी उम्र मिलता है. काउंसलर ने बच्‍चे के भविष्‍य का भी हवाला देते हुए दोनों को साथ रहने की सलाह दी. मामले के बारे में महिला हेल्प लाइन की प्रोजेक्ट मैनेजर प्रमिला बताती हैं कि दोनों पक्षों की बातों को सुनने के बाद एक बांड (Bond) साइन करवाया गया है. जिसमें दोनों ने लिव इन रिलेशनशिप पार्टनर के रूप में रहने पर सहमति जताई है. इसमें यह भी कहा गया है कि अगर लड़की वापस जाना चाहे तो वो अपने बेटे को वापस करके जा सकती है.

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