कन्हैया के लिए राहत वाली खबर, राजद्रोह के मुकदमे के पक्ष में नहीं दिल्ली सरकार

कन्हैया के लिए राहत वाली खबर, राजद्रोह के मुकदमे के पक्ष में नहीं दिल्ली सरकार

NEWS4NATION DESK : जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष व सीपीआई नेता कन्हैया कुमार के लिए राहत वाली खबर है। दिल्ली सरकार जेएनयू मामले में कन्हैया कुमार समेत दूसरे आरोपियों के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा चलाए जाने के पक्ष में नहीं है। 

सरकार के सूत्रों के मुताबिक, होम डिपार्टमेंट ने कानूनी राय के आधार पर तैयार किए गए नोट में कहा है कि दिल्ली पुलिस ने जो चार्जशीट तैयार की है, उसमें आरोपियों के खिलाफ राजद्रोह (आईपीसी की धारा 124 ए) का मुकदमा चलाने के लिए कोई सूबत नहीं हैं और ऐसा लगता है कि पुलिस ने जबरन यह धारा लगाई है। 

होम डिपार्टमेंट का मानना है कि पुलिस की चार्जशीट की स्टडी करने और सभी पहलुओं पर कानूनी राय लेने के बाद राजद्रोह का मुकदमा चलाने की मंजूरी नहीं दी जा सकती और डिपार्टमेंट इस बारे में जल्द ही पुलिस को जानकारी देगा।
 
 बता दें इस साल जनवरी में कोर्ट ने जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया और अन्य के खिलाफ जरूरी मंजूरी हासिल किये बिना चार्जशीट दायर किये जाने पर सवाल उठाए थे। कोर्ट ने चार्जशीट में लगाए गए आरोपों पर संज्ञान लेने से मना कर दिया था और कहा था कि पहले जरूरी मंजूरी हासिल की जाए। दिल्ली सरकार ने भी उस समय पुलिस द्वारा लोकसभा चुनाव से ठीक पहले चार्जशीट फाइल किए जाने पर सवाल उठाए थे और कहा था कि तीन साल बाद दिल्ली सरकार की मंजूरी के बिना चार्जशीट फाइल कर दी गई। उसके बाद दिल्ली सरकार ने पूरी चार्जशीट को स्टडी करना शुरू किया।
 
 सूत्रो से मिल रही जानकारी के अनुसार होम डिपार्टमेंट की राय है कि इसके सबूत नहीं है कि आरोपियों ने देशविरोधी नारे लगाए। नारेबाजी का दौर दो छात्र संगठनों के ग्रुप के बीच शुरू हुआ था और ये घटना दोनों ग्रुप के बीच हुए विवाद के तौर पर हुई। ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि आरोपियों ने राज्य की प्रभुता पर हमला किया। ल्ली सरकार ने आरोपियों के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा चलाने की इजाजत नहीं दी है। लेकिन पुलिस ने एफआईआर में जो दूसरी धाराएं लगाई हैं, उनके आधार पर मुकदमा चलाने के लिए राज्य सरकार की मंजूरी की जरूरत नहीं होती। राजद्रोह का मामला छोड़कर कन्हैया कुमार पर बाकी आरोप कायम रहेंगें। 

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