बिहार में धार्मिक संस्थानों को देना होगा चार फीसदी टैक्स, कांग्रेस पार्टी ने फैसले का किया विरोध

बिहार में धार्मिक संस्थानों को देना होगा चार फीसदी टैक्स, कांग्रेस पार्टी ने फैसले का किया विरोध

GAYA :  बिहार सरकार के अंतर्गत राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड द्वारा जारी तुगलकी फरमान में सूबे के मठ और मंदिरों के आमदनी में से चार प्रतिशत टैक्स राज्य सरकार को दिसंबर माह से देनी होगी। कल से इसकी शुरुआत हो जाएगी।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के सदस्य सह क्षेत्रीय प्रवक्ता बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी प्रो विजय कुमार मिठू, पूर्व सांसद रंजीत सिंह उर्फ रंग बाबू, पूर्व विधायक डॉ युगल किशोर प्रसाद, मो खान अली, जिला उपाध्यक्ष युगल किशोर सिंह, मो खैरुद्दीन, विद्या शर्मा, अमरजीत कुमार, टिंकू गिरी, ओंकार नाथ सिंह, सुभाष चन्द्र, विनोद उपाध्याय, राजेश्वर पासवान, मो असरफ इमाम, मो अजहरुद्दीन, मो ताजुद्दीन, सुरेन्द्र मांझी, अरुण कुमार पासवान ने कहा कि अभी तक सम्पूर्ण देश के सभी धार्मिक संस्थान जैसे मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर, गुरुद्वारा आदि के आमदनी से सरकार किसी प्रकार का टैक्स नहीं लेती है। 

जबकि इनमें से कई धार्मिक स्थल अपने आमदनी को शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में योगदान देते हुए स्कूल कॉलेज अस्पताल आदि खोल कर निःशुल्क सेवा दे रहे हैं। नेताओं ने कहा की सरकार राज्य के मंदिरों की आमदनी में से चार प्रतिशत टैक्स लेने के बजाय उन्हें यह निर्देश देती की मंदिर के मेंटेनेस के बाद बची राशि को शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में खर्च करें। नेताओं ने कहा की धार्मिक न्यास बोर्ड के इस तुगलकी फरमान से हिंदू धर्मावलंबियों में भयानक रोष है।

गया से मनोज कुमार की रिपोर्ट 

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