सोनपुर मेला में आयोजित कवि सम्मेलन में देश के नामचीन कवियों ने बिखेरा जलवा, मंत्रमुग्ध हुए दर्शक

सोनपुर मेला में आयोजित कवि सम्मेलन में देश के नामचीन कवियों ने बिखेरा जलवा, मंत्रमुग्ध हुए दर्शक

SONPUR : बिहार सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग की ओर से रविवार की शाम पर्यटन विभाग के मुख्य मंच से एक ओर जहां गीत, संगीत एवं नृत्य की सरिता बही। वहीं दूसरी ओर से कवि सम्मेलन में देश के नामचीन कवियों ने अपने हास्य व्यंग्य की कविताओं से पंडाल में उपस्थित दर्शकों को लोटपोट कर दिया। 

कवि सम्मेलन का संचालन देश के प्रसिद्ध कवि पद्म श्री सुनील जोगी ने किया। सबसे पहले कवि सुनील जोगी ने बिहार प्रदेश के सम्मान में अपनी कविता की चार पंक्ति पढ़ी। गौतम की महावीर की वाणी का सार है, चाणक्य , चंद्रगुप्त की महिमा अपार है। दिनकर की नेपाली की गूंजती हूंकार है। जो हार नहीं मानता है वो बिहार है। 

कवि सम्मेलन की शुरूआत मध्य प्रदेश के इंदौर से आई देश की चर्चित कवियत्री डॉ. भुवन मोहनी ने सरस्वती वंदना मेरे मन का हर एक मन गंगाजल के जैसा हो । अगर सत्य हो तो माता जानकी के जैसा हो मेरा शब्द शालिग्राम के जैसा हो से की। इसके बाद हास्य व्यंग्य के सशक्त हस्ताक्षर कवि प्रमोद पंकज ने अपने मेलॉडी कविता कोरोना कोरोना आना नहीं, मेरे देश में, मेरे देश में एवं मंदिर सूना सूना सा ये बाबा जी बाजा बाजी कि ना बाजी की प्रस्तुति कर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। 

इसके बाद लाफ्टर चांलेज विजेता अजय अटपट्‌टू ने भी अपनी हास्य व्यंग्य की आधुनिक रचनाओं से दर्शकों के दिल पर अमिट छाप छोड़ी। इसके बाद देश के सुप्रसिद्ध कवि अनिल चौबे ने अपने हास्य व्यंग्य से दर्शकों को खूब हंसाया। कवि सम्मेलन की अंतिम कड़ी में कवि पद्म सुनील जोगी ने राजनीति से लेकर वर्तमान परिवेश पर कई छोटी छोटी कविताएं  पढकर श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी। इस मौके पर कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के अपर सचिव दीपक आनंद, निदेशक वीरेंद्र प्रसाद, सारण के एडीएम डॉ.गगन,सोनपुर डीसीएलआर रजनीश कुमार, सोनपुर बीडीओ डॉ.सुदर्शन सहित कई जिलास्तरीय पदाधिकारी मौजूद थे।

छपरा से संजय भारद्वाज की रिपोर्ट

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