बिहार विस चुनाव में BJP उपाध्यक्ष के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले पूर्व MP की वापसी, भाजपा नेतृत्व फिर से दल में करा रहा शामिल

 बिहार विस चुनाव में BJP उपाध्यक्ष के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले पूर्व MP की वापसी, भाजपा नेतृत्व फिर से दल में करा रहा शामिल

PATNA:  बिहार बीजेपी नेतृत्व के निर्णय से सारे नेता हतप्रभ हैं। जिस नेता ने बीजेपी संगठन के उपाध्यक्ष व कद्दावर नेता को विस चुनाव में हराने की पूरी कोशिश की। उस नेता के प्रति बीजेपी नेतृत्व की सहानुभूति एकबार फिर से बढ़ गई है। भाजपा नेतृत्व ने 9 महीने पहले आरएलएसपी के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरकर भाजपा प्रत्याशी को शिकस्त देने के जुर्म में 6 सालों के लिए निष्कासित किया था। अब उस नेता का सारा जुर्म खत्म हो गया लिहाजा फिर से दल में शामिल कराया जा रहा है। बीजेपी नेतृत्व झंझारपुर के पूर्व सांसद वीरेन्द्र चौधरी को अपनाने वाली है।  

6 साल के लिए दल से हुए थे निष्कासित

वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी नेतृत्व ने झंझारपुर लोकसभा सीट जेडीयू के खाते में डाल दिया था। इस वजह से भाजपा के सीटिंग सांसद वीरेन्द्र कुमार चौधरी बेटिकट हो गये थे. वीरेन्द्र चौधरी 2014-2019 तक भाजपा के टिकट पर झंझारपुर से सांसद थे। 2020 विस चुनाव में पूर्व सांसद वीरेन्द्र चौधरी उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी रालोसपा में शामिल हो झंझारपुर विस क्षेत्र से चुनावी मैदान में उतर गये. इस सीट पर भाजपा के कद्दावर नेता व प्रदेश उपाध्यक्ष नीतीश मिश्रा उम्मीदवार थे। पूर्व सांसद ने बीजेपी के कैंडिडेट के खिलाफ जमकर पसीना बहाया। वीरेन्द्र चौधरी विस चुनाव में वंशवाद के खिलाफ लोगों से वोट देने की अपील करते थे। नीतीश मिश्रा के वोट काटने को लेकर इन्होंने पूरी कोशिश की थी। हालांकि इसमें वे सफल नहीं हो सके। विस चुनाव में पूर्व सांसद वीरेन्द्र चौधरी को महज 3200 वोटों से संतोष करना पड़ा था।इस तरह से पूर्व सांसद का झंझारपुर में जमानत जब्त हो गया । बीजेपी नेतृत्व ने आरएलएसपी के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरे वीरेन्द्र चौधरी को 6 सालों के लिए निष्कासित कर दिया था। लेकिन यह निष्कासन साल भर भी नहीं रह सका। 

बीजेपी उपाध्यक्ष को हराने को पसीना बहाने वाले नेता की फिर से भाजपा में वापसी

अब, पूर्व सांसद वीरेन्द्र चौधरी फिर से बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। भाजपा नेतृत्व को दल के प्रत्याशी को हराने में ताकत झोकने वाले नेता को पार्टी में शामिल कराने पर कोई ऐतराज नहीं है। 29 अगस्त को बिहार बीजेपी कार्यालय में मिलन समारोह आयोजित की गई है। जहां पूर्व सांसद वीरेन्द्र चौधरी अपने समर्थकों के साथ फिर से भाजपा में शामिल होंगे। बिहार विस चुनाव 2020 में भाजपा के कई नेता बागी होकर चुनावी मैदान में उतरे थे। पूर्व सांसद वीरेन्द्र चौधरी की पार्टी में वापसी के बाद अब अन्य नेताओं के भी दल में वापसी की पूरी संभावना बन गई है। 

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