नदी कटाव ने लोगों की नींद चैन छीनी, उफनती नदी से खुद को बेघर होने से बचने की जंग लड़ रहे है ग्रामीण

नदी कटाव ने लोगों की नींद चैन छीनी, उफनती नदी से खुद को बेघर होने से बचने की जंग लड़ रहे है ग्रामीण

KISHANGANJ :- नदी कटाव ने लोगों की नींद चैन छीनी घर से बेघर होने की है स्थिति पर है। लोग खुद को बचाने के लिए नदी की तेज धारा से लड़ाई लड़ रहे हैं, ताकि उनके सिर पर छत बची रह सके। लेकिन इन सबके बाद भी एक डर कायम है। यह डर है बाढ़ से हारने का।

मामला किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड अन्तर्गत मटियारी और हवाकोल पंचायत का है। यहां नदी लोगों के घरों के करीब आ चुकी है लोगों नदी कटाव को रोकने की संभव प्रयास कर रहे हैं लेकिन पानी की बहती तेज धार में यह कोशिशों को पूरी तरह से कामयाबी नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण कटाव रोकने के लिए जितनी व्यवस्था करते है, नदी का कहर उतना ही बढ़ता जा रहा है। घरों के साथ जमीन को इस तरह  कटाव की भेंट चढ़ते देख लोगों की निराशा देखी जा सकती है। 

कटाव की ऐसी स्थिति जल अधिग्रहण क्षेत्र में छोड़े गए पानी की वजह से टेढ़ागाछ होकर बहने वाली अधिकतर नदियां उफान में है। जिस वजह से कटाव का कहर जारी हैं। लोग भय के साये में जीने को विवश हैं। नदी कटाव का डर ग्रामीणों को सताने लगी है। कब उनका आशियाना नदी मे विलीन हो जाए।

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