थूकचटवा हैं राजद के प्रदेश अध्यक्ष, बेटे के लिए पार्टी का बेड़ा गर्क करने पर तुले हैं...लात मारकर बाहर निकालना चाहिए... जानें क्या-क्या बोल गए पप्पू यादव

थूकचटवा हैं राजद के प्रदेश अध्यक्ष, बेटे के लिए पार्टी का बेड़ा गर्क करने पर तुले हैं...लात मारकर बाहर निकालना चाहिए... जानें क्या-क्या बोल गए पप्पू यादव

KAIMUR : जन अधिकार पार्टी प्रमुख पप्पू यादव ने राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह को थूकचटवा नेता करार दिया है। एक ऐसा नेता जो सिर्फ समाजवाद का ढोंग करता है, हकीकत में वह सिर्फ गरीबों का शोषण करता है। वह ऐसे नेता हैं,जिनकी किसी से नहीं बनी। जिस नीतीश कुमार को लालू प्रसाद ने मुख्यमंत्री बनाया, उसी पर लगातार सवाल उठाकर वह लालू प्रसाद के पीठ में खंजर भोंकने का काम कर रहे हैं। पप्पू यादव ने इस दौरान पर जगदानंद पर बेटे सुधाकर सिंह का सपोर्ट करने का आरोप भी लगाया।

पप्पू यादव ने यह सारी बातें भभुआ के पूर्व विधायक रामचंद्र यादव के घर श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान कही। वहीं उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह और उनके बेटे सुधाकर सिंह पर जमकर हमला किया ।उन्होंने कहा कि किसानों के हमदर्द बनने वाले बाप-बेटे अक्सर किसानों के मामले में चुप क्यों हो जाते हैं।

 चुनाव आता है तो बक्सर से लड़ते हैं लेकिन इस मामले में चुप्पी क्यों? सुधाकर सिंह बीजेपी के अनुकंपा पर आए हैं। और  सरकार को आईना दिखाने का काम कर रहे हैं। जगदानंद सिंह पर कहे कि अपने थूक फेंक दिया तो चांटा क्यों दूसरा इतना कोई बोला होता तो जगता बाबू  पार्टी से बाहर कर देते लेकिन बेटे को क्यों नहीं निकाले अब तक। वहीं उन्होंने बक्सर कांड पर जगता नंद सिंह सुधाकर सिंह पर पप्पू यादव जो लोग किसान की बात करते हैं और उनका हमदर्द बनते हैं बक्सर में जाकर चुनाव भी लड़ते हैं बक्सर की सीट भी लेते हैं ।

जगदानंद सिंह की आज तक किसी नेता से नहीं बनी, शाहाबाद में  न तो इलियास हुसैन से बनी, न ही कोई दूसरे नेता से उनके रिश्ते बेहतर रहे। सिर्फ अकेले ही यहां राज करते रहे। इलाके की गरीब जनता को वह अपनी पैर की धूली समझते रहे। यहां चंद्रमा यादव की हत्या हुई, विजेंद्र की हत्या हुई, एक दलित महिला से दुष्कर्म कर उसे जला दिया, कहीं भी जगदानंद सिंह देखने तक नहीं गए

पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि जगदानंद ऐसे नेता रहे, जिनकी कभी भी नीतीश कुमार से नहीं बनी, वह हमेशा उनके खिलाफ ही रहे। वह कभी नहीं चाहते थे कि महागठबंधन में नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाया जाए। मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि अगर जगदानंद सिंह में इतनी हिम्मत है तो वह नीतीश कुमार से लड़कर दिखाएं। बाप-बेटे की संपत्ति की जांच होनी चाहिए। जगदानंद सामंतवादी मानसिकता वाली सोच रखते हैं। इसी नक्शे कदम पर उनके बेटे सुधाकर सिंह भी चल रहे हैं। मुझे समझ में नहीं आता है कि इन बाप-बेटों को तेजस्वी और लालू बर्दास्त कैसे कर रहे हैं। उन्हें तो सबसे पहले पार्टी से लात मारकर बाहर कर देना चाहिए। दोनों बाप-बेटे तेजस्वी को अपना नेता नहीं मानते हैं।

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