रालोसपा अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा कोतवाली थाना से हुए रिहा, निजी मुचलके पर मिली जमानत

रालोसपा अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा कोतवाली थाना से हुए रिहा, निजी मुचलके पर मिली जमानत

PATNA : रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा को कोतवाली थाना से जमानत मिल गई है। उपेन्द्र को निजी मुचलके पर जमानत मिली है। जमानत मिलने के बाद थाने से वे रिहा हो गए है।

दरअसल कुशवाहा ने 6 फरवरी को ही ऐलान किया था कि राज्य सरकार द्वारा उनपर और उनके 250 समर्थकों पर दर्ज झूठे मुकदमे को 2 दिन के भीतर वापस ले।  अगर सरकार उनके द्वारा दिए गए समय सीमा के भीतर दर्ज मुकदमे को वापस नहीं लेती है तो वे अपने ढाई सौ समर्थकों के साथ कोतवाली थाना पहुंचेंगे और गिरफ्तारी की मांग करेंगे।जब पुलिस ने उन पर मुकदमा दर्ज किया है तो उसे गिरफ्तार भी करना चाहिए। उसी ऐलान के बाद उपेन्द्र आज  अपने समर्थकों के साथ गिरफ्तारी देने  आज कोतवाली थाना पहुंचे।

क्या है मामला

मामला 2 फरवरी से शुरू हुआ जब राजभवन मार्च के दौरान डाक बंगला चौराहे पर पुलिस और आरएलएसपी समर्थकों में भिड़ंत हुई थी। राजभवन मार्च के दौरान डाक बंगला चौराहे पर पुलिस और आरएलएसपी समर्थकों में झड़प हुई थी, जिसमें पुलिस को लाठी चलानी पड़ी थी। लाठीचार्ज में उपेंद्र कुशवाहा सहित कई आरएलएसपी के कार्यकर्ता और पुलिसकर्मियों को चोट आई थी। उस मामले में पुलिस ने उपेंद्र कुशवाहा को नामजद अभियुक्त बनाया था। साथ ही ढाई सौ अज्ञात कार्यकर्ताओं पर सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए कोतवाली थाना में मामला दर्ज किया गया था।

उपेंद्र कुशवाहा ने 6 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस पर सीधे सीएम नीतीश पर आरोप लगाया था कि नीतीश कुमार उनकी हत्या कराना चाहते हैं। उन्होंने कहा था कि  कुमार ने जब उन्हें राजनीतिक तौर पर नहीं हटा सके तो अब हमारी जान लेना चाहते हैं।सरकार के इशारे पर पहले पुलिस से पिटवाया गया उसके बाद उल्टे उन्ही लोगो पर केस भी किया गया। कुशवाहा ने पूरे मामले की हाई कोर्ट के सीटिंग जज से जांच कराने की मांग की है।

नीरज की रिपोर्ट

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