RMRIMS पटना को लिशमैनियासिस के लिए WHO से मिली मान्यता, ऐसी उपलब्धि हासिल करने वाला बिहार का बना पहला संस्थान

RMRIMS पटना को लिशमैनियासिस के लिए WHO से मिली मान्यता, ऐसी उपलब्धि हासिल करने वाला बिहार का बना पहला संस्थान

पटनासिटी. बिहार के राजधानी पटना स्थित आरएमआरआईएमएस संस्थान को लिशमैनियासिस के लिए डब्ल्यूएचओ से सहयोग केंद्र के रूप में मान्यता मिल गई है। संस्थान के डायरेक्टर कृष्णा पांडे ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि बहुत खुशी की बात है कि कई चरणों के निरीक्षण और प्रलेखन के बाद डब्ल्यूएचओ ने आईसीएमआर आरएमआरआईएमएस संस्थान पटना को लिशमैनियासिस के लिए डब्ल्यूएचओ सहयोग केंद्र के रूप में मान्यता दी है। 

उन्होंने कहा कि यह बिहार में अब तक का पहला संस्थान है, जिसे डब्ल्यूएचओ सहयोगी केंद्र के रूप में मान्यता दी है। साथ ही उन्होंने कहा कि पटना की सेंट्रल डायग्नोस्टिक लेबोरेटरी सीडीएल को एनएबीएल एम l&t लैब्स प्रोग्राम के तहत मेडिकल एंट्री लेवल टेस्टिंग लैब्स के रूप में एक और टर्म के लिए मान्यता प्रदान की गई है।

साथ ही उन्होंने कहा कि लिशमैनियासिस बीमारी के लिए डब्ल्यूएचओ सहयोग केंद्र के रूप में हमारे केंद्र की मिशन होगी कि लिशमैनियासिस के निदान और नियंत्रण उपकरण का मूल्यांकन और सत्यापन करना तथा स्थानिक देशों के स्वास्थ्य कर्मियों को क्षमता निर्माण सहायता के माध्यम से विश्व स्वास्थ्य संगठन की सिफारिशों का प्रसार और कार्यान्वयन करना। कृष्णा पांडे ने कहा कि यह एन्टीलेशमैनियल दवाओं और उपचार के नियमों की फार्माकोविजिलेंस और सुरक्षा को मजबूत करेगा।

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