BJP सांसद राजीव प्रताप रूडी और जिम्मेदार अधिकारियों पर दर्ज हो मुकदमा, एंबुलेंस प्रकरण को लेकर RTI एक्टिविस्ट ने EOU को भेजा पत्र

BJP सांसद राजीव प्रताप रूडी और जिम्मेदार अधिकारियों पर दर्ज हो मुकदमा, एंबुलेंस प्रकरण को लेकर RTI एक्टिविस्ट ने EOU को भेजा पत्र

PATNA: छपरा के बीजेपी सांसद फंड से खरीदी गई एंबुलेंस के संचालन को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। पूर्व सांसद पप्पू यादव ने पूरे मामले से पर्दा उठाया था इसके बाद बिहार की राजनीति में बवाल मच गया। तमाम विपक्षी सदस्यों ने बीजेपी सांसद राजवी प्रताप रूडी पर सांसद फंड से खरीदे गये एंबुलेंस को कब्जा कर रखने में केस दर्ज करने की मांग की थी। अब बिहार के आरटीआई कार्यकर्ता ने सांसद पर केस दर्ज करने की लेकर आवेदन दिया है।

EOU को भेजा पत्र

बिहार के आरटीआई एक्टिविस्ट शिवप्रकाश राय ने एंबुलेंस मामले में बीजेपी सांसद पर केस दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में आर्थिक अपराध इकाई,जिले के डीएम,डीडीसी को पत्र भेजा है। आरटीआई एक्टिविस्ट ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि छपरा जिले के अमनौर में 30 से अधिक एम्बुलेंस के स्थानीय सांसद के अभिरक्षा में होने की खबर और वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है. साथ ही एम्बुलेंस से बालू की ढुलाई का वीडियो भी शेयर किया गया है। एक ओर जहां मरीजों को एम्बुलेंस के अभाव में जान गँवानी पड़ रही है दूसरी तरफ इतने अधिक संख्या में जनता के पैसे से खरीदे गए एम्बुलेंस का अवैध तरीके से सांसद द्वारा बिना उपयोग के खड़ा रखना और उस पर बालू ढोना सामान्य नागरिकों को प्राप्त मानवाधिकार का भी उल्लंघन है । प्रावधानों के अनुसार इसके प्रबंधन और संचालन की पूर्ण जिम्मेवारी जिले के संबंधित अधिकारियों को करना है। यह संपत्ति सरकार की है जिसके custodian या ownership का जिक्र उन गाड़ियों के निबंधन में होगा . जिले के सिविल सर्जन, जिला योजना पदाधिकारी और जिला पदाधिकारी का इसका जिम्मा होगा। जिम्मेदार अधिकारियों ने इस सरकारी संपत्ति को गैरकानूनी तरीके से वहाँ के सांसद की अभिरक्षा में सौंप दी।ऐसा लग रहा कि प्रशासनिक अधिकारियों ने सरकारी दायित्वों को सांसद के हाथों सौंप दिया है। स्पष्ट है कि ये अधिकारी अपने सरकारी दायित्वों के निर्वहन के योग्य नहीं हैं .इसलिए सरकार द्वारा इन्हें तो इस गैरकानूनी कृत्य के आरोप में पद से तत्काल मुक्त करना ही चाहिए। 

बीजेपी सांसद पर दर्ज हो मुकदमा

प्रशासनिक विफलताओं की वजह से ही समाज में शहाबुद्दीन और पप्पु यादव जैसे तथाकथित नायकों का महिमामंडन होता है और सरकार की भी किरकिरी होती है। जो अधिकारी सरकार की साख को, उनके सुशासन के दावे की धज्जी उड़वाते हैं. सरकार को चाहिए कि उन्हें बाहर का रास्ता दिखाए और उन पर कानूनी कार्रवाई करे। सभी गाड़ियों का DTO के यहाँ निबंधन हुआ होगा। उसमें पूरी जानकारी होगी। यह सार्वजनिक संपत्ति का दुर्विनियोग का मामला है, जो संज्ञेय अपराध है। इसमें तो उसे अपने कब्जे में रखनेवालों और जिम्मेवार दोषी अधिकारियों (वहाँ के DM, DPO और Civil Surgeon) पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए और उन पर विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए। यह कोई राजनीतिक मामला है ही नहीं, यह विशुद्ध प्रशासनिक विफलता और सार्वजानिक संपत्ति के दुर्विनियोग का मसला है। इस मामले में सांसद राजीव प्रताप रुडी और संबंधित अधिकारियों पर सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर उचित कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाए।

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