साधू के भेष में छुपकर रह रहे विकास दूबे का साथी भी चढ़ा पुलिस के हत्थे, गिरफ्तारी पर था 50 हजार का इनाम

साधू के भेष में छुपकर रह रहे विकास दूबे का साथी भी चढ़ा पुलिस के हत्थे, गिरफ्तारी पर था 50 हजार का इनाम

DESK: उत्तर प्रदेश के कानपुर में विकास दूबे एनकाउंटर के बाद पुलिस के निशाने पर उसके तमाम साथी है जो अभी भी सक्रिय हैं. पुलिस उन छिपे हुए अपराधियों के तलाश में है. इसी कड़ी में मंगलवार को पुलिस ने चित्रकूट के कामता नाथ मंदिर में साधू बनकर रह रहे विकास दूबे के साथी बालगोविंद दुबे को गिरफ्तार कर दिया. पुलिस ने इस पर पचास हजार का इनाम रखा था.

कैसे पुलिस ने पकड़ा 

विकास दूबे का साथी बाल गोविंद दुबे मामले के सामने आने के बाद से ही फरार चल रहा था. पुलिस की नजरों से बचने के लिए वह साधू के वेष में रह रहा था. पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बाल गोविंद किसी मंदिर में साधू के रुप में रह रहा हैं. खबर के मुताबिक इसकी मुखबिरी कुछ दिन पहले सरेंडर किए उमाकांत शुक्ला ने की थी. उमाकांत ने ही पुलिस को बताया था कि बालगोविंद भी सरेंडर करना चाहता है और वह चित्रकूट में छूपा है. यह जानकारी मिलते ही पुलिस एक्टिव हो गई और साधू के वेष में छूपे बालगोविंद को गिरफ्तार कर लिया. 

पुलिस को मिले कई अहम सुराग.

इससे पहले पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने जेल में बंद उसके गुर्गे राम सिंह यादव से जेल में जाकर पूछताछ कर उसके बयानों की रिकार्डिंग की है. पूछताछ में उसने पुलिस को बहुत सी अहम जानकारियां देने के अलावा शहर के कई लोगों के नाम भी बताए हैं.राम सिंह ने पुलिस औस एटीएफ टीम को बताया कि बिकरू और आसपास के गांव में लगभग 200 लोग ऐसे हैं जो विकास के कहने पर कुछ भी कर सकते थे. उसने यह भी बताया कि बिकरू कांड में लगभग 50 असलहों का इस्तेमाल हुआ था जो विकास ने पांच घंटे के अंतराल में इकट्ठा करा लिए थे.

पुलिस के दबिश में उमाकांत ने किया सरेंडर

विकास दुबे के एक और साथी उमाकांत शुक्ला उर्फ गुडडन ने शनिवार को चौबेपुर थाने पहुंच कर सरेंडर कर दिया था. वह अपने साथ पत्नी और बेटी को को लेकर पहुंचा था. इस दौरान उमाकांत शुक्ला ने गले में तख्ती लटकाई थी. जिसमें खुद के विकास दुबे का साथी होने और कानपुर कांड के बाद आत्मग्लानि की बात कही थी. उमाकांत शुक्ला ने पुलिस से रहम की गुहार लगाते हुए कहा कि मैं सरेंडर करने आया हूं.

Find Us on Facebook

Trending News