बालू माफियागिरी बन्द, अब एक या दो घाट का ही मिलेगा ठेका,बाजार तय करेगा रेट

बालू माफियागिरी बन्द, अब एक या दो घाट का ही मिलेगा ठेका,बाजार तय करेगा रेट

PATNA : बालू माफियाओं से हलकान सरकार ने नई बालू नीति में भारी बदलाव किया है। बालू खनन नीति 1 जनवरी 2020 से प्रभाव प्रभावी होगी सरकार ने नई बालू खनन नीति 2019 को मंजूरी भी प्रदान कर दी है। कानून सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार के निर्देशानुसार बनाई गई है। 

जी हां 1 जनवरी 2020 से लागू होने वाली नई बालू खनन नीति की सबसे ज्यादा मार बालू माफियाओं पर पड़ने वाली है। गौरतलब है कि पहले वाली बालू खनन नीति में एक जिला या या फिर एक नदी को यूनिट माना जाता था। अब नई नीति के तहत किसी एक व्यक्ति को एक या ज्यादा से ज्यादा 2 बालू घाटों की बंदोबस्ती दी जाएगी 

नई बालू नीति में यह भी प्रावधान किया गया है एक व्यक्ति को 200 हेक्टेयर तक बालू निकासी का ठेका दिया जाएगा। नई बालू खनन नीति राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण एवं पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। अब छोटे-छोटे खंडों में बांटकर बंदोबस्ती की व्यवस्था की जाएगी बालू का ठेका लेने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से आवेदन लिए जाएंगे।

सरकार जो चालान निर्गत करेगी उसमे बारकोड और क्यूआर कोड होगा। अगर बंदोबस्ती क्षेत्र में अवैध खनन होता है तो इसके जिम्मेदार ठेकेदार होंगे। वही नदी पर बने पुल के 300 मीटर क्षेत्र से बालू की निकासी पर रोक लगा दी गई है।

सरकार का मानना है की नई बालू खनन नीति से जहां एक तरफ पर्यावरण की रक्षा होगी वहीं दूसरी तरफ बालू के धंधे में काबिज माफियाओं का कद भी घटेगा। इस नई नीति से बंदोबस्त धारियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी।

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