द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में क्रॉस वोटिंग पर संजय जायसवाल ने विपक्ष के MP-MLA को दिया धन्यवाद, कहा- यशवंत सिन्हा के आह्वान पर सुनी अंतरात्मा की आवाज

द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में क्रॉस वोटिंग पर संजय जायसवाल ने विपक्ष के MP-MLA को दिया धन्यवाद, कहा- यशवंत सिन्हा के आह्वान पर सुनी अंतरात्मा की आवाज

पटना. बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल ने द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में क्रॉस वोटिंग करने वाले विपक्ष के सांसद विधायकों को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि ये विधायक यशवंत सिन्हा के आह्वान पर अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनी हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पद के चुनाव मे द्रौपदी मुर्मू को मिली ऐतिहासिक जीत से देश में ख़ुशी का माहौल है। विशेषकर देश के गरीब, पिछड़ों, वंचितों, आदिवासी समाज के लोग तो जश्न में डूबे हैं। पहली बार किसी जनजातीय समूह की महिला का देश के सर्वोच्च पद पर आरूढ़ होना कोई समान्य बात नहीं है। मुर्मू की यह जीत भारतीय लोकतंत्र की मजबूती और परिपक्वता को दर्शाती है।


उन्होंने कहा कि द्रौपदी मुर्मू की इस जीत के नायक वह सभी जनप्रतिनिधि हैं, जिन्होंने अपना बहुमूल्य मत उन्हें देकर एक नए इतिहास का सृजन किया है। यह सभी जनप्रतिनिधि धन्यवाद के पात्र हैं। उनमें भी तकरीबन 121 जनप्रतिनिधियों ने ‘यशवंत सिन्हा के आह्वान पर अपनी अंतरात्मा की आवाज को सुनते हुए अपनी पार्टी लाइन के विपरीत’ जा कर मुर्मू को वोट दिया। इसमें राजद के भी 8 विधायक शामिल है। इन सभी को भी विशेष धन्यवाद।

डॉ. जायसवाल ने कहा कि इस चुनाव में भारी मात्रा में हुई क्रॉस वोटिंग उन सभी दलों के लिए चेतावनी है, जो पार्टी को अपने खानदान की जागीर व कार्यकर्ताओं को अपना बंधुआ मजदूर समझते हैं। इतनी बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों का अपनी पार्टी लाइन का उल्लंघन करना उनके अंतर्मन की कुलबुलाहट को दिखाता है। यह दिखाता है कि खानदानी पार्टियों के जागीरदारों की रीतियों व नीतियों के प्रति उनके कार्यकर्ताओं के मन में विद्वेष फैलता जा रहा है, जो कभी भी एक बड़े विस्फोट में परिणत हो सकता है।

उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि विपक्षी दलों के नेतागणों को अपने जागीरदारों के दबाव में भले ही मोदी सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार करना पड़ता हो, लेकिन अंदर ही अंदर वह भी मानते हैं कि ‘मोदी है तो मुमकिन है’। मोदी सरकार के कामों पर उनका भी भरोसा लगातार बढ़ता जा रहा है।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि बहरहाल मुर्मू की जीत से लोगों के मन में एक नयी आशा का संचार हुआ है। लोगों का लोकतंत्र पर भरोसा और मजबूत हुआ है। जनता में यह संदेश गया है कि अब गरीब परिवार के आम लोग भी ‘ख़ास परिवारों’ के ‘आशीर्वाद’ के बिना सत्ता के सर्वोच्च शिखर पर आसीन हो सकते हैं। यह हमारे लोकतंत्र के लिए बेहद शुभ संकेत है।

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