सरकार के 14 में 13 मंत्री करोड़पति, जो सबसे अधिक है, उस पर लगे हैं भ्रष्टाचार के आरोप, जानिए कौन है वो मंत्री

सरकार के 14 में 13 मंत्री करोड़पति, जो सबसे अधिक है, उस पर लगे हैं भ्रष्टाचार के आरोप, जानिए कौन है वो मंत्री

पटना... बिहार विधानसभा चुनाव के बाद एनडीए की सरकार फिर से एक बार गठित हो गई। मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री के अलावा 14 मंत्रियों को शामिल किया गया है। इनमें अधिकतर मंत्री करोड़पति हैं, लेकिन उन सभी मंत्रियों में जिनका नाम सबसे ऊपर है वो मेवालाल चौधरी हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स व बिहार इलेक्शन वॉच ने रिपोर्ट के मुताबिक शपथ लेने वालों में सबसे अधिक करोड़पति मंत्री मेवालाल चौधरी हैं। शिक्षा मंत्री का जिम्मा मिलने के बाद से ही वे विपक्ष के निशाने पर हैं और ऐसे में एडीआर की रिपोर्ट एक बार फिर विपक्ष को मौका दे सकती है। 

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स व बिहार इलेक्शन वॉच ने रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री सहित राज्य मंत्रिपरिषद में 15 में से 14 मंत्रियों के शपथ पत्रों के विश्लेषण के आधार पर इसे तैयार किया गया है और इसमें एक मंत्री राम सूरत कुमार के शपथ पत्र को अस्पष्ट होने के कारण विश्लेषण में शामिल नहीं किया गया है। जबकि एक राज्य में मंत्रियों की औसत संपति 3.93 करोड़ रुपए हैं।

मेवालाल चौधरी सर्वाधिक संपत्ति वाले मंत्री 

एडीआर के अनुसार राज्य में 14 में 13 मंत्री करोड़पति हैं। इनमें जदयू के 83 फीसदी और भाजपा, हम व वीआईपी  के सौ फीसदी मंत्री करोड़पति हैं। शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी सर्वाधिक 12.31 करोड़ की संपत्ति के स्वामी है। जबकि सबसे कम संपत्ति भवन निर्माण व अन्य विभागों के मंत्री अशोक चौधरी हैं। इनके पास 72.89 लाख रुपये की संपत्ति है। दूसरी ओर, देनदारी घोषित करने वाले आठ मंत्रियों में सबसे अधिक देनदारी पशुपालन मंत्री मुकेश सहनी के ऊपर हैं। उनके ऊपर 1.54 करोड़ रुपये की देनदारी है। 

57 फीसदी मंत्रियों पर आपराधिक मामले दर्ज
राज्य के 57 फीसदी (8) मंत्रियों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। जबकि 43 फीसदी (6) मंत्रियों के ऊपर गंभीर अपराध के मामले दर्ज हैं। रिपोर्ट के अनुसार जदयू के 33 फीसदी मंत्रियों, हम व वीआईपी के सौ-सौ फीसदी मंत्रियों के ऊपर गंभीर अपराध के मामले हैं।  जबकि भाजपा के 33 फीसदी मंत्रियों के ऊपर गंभीर अपराध और 67 फीसदी मंत्रियों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

71 फीसदी मंत्रियों की योग्यता स्नातक एवं उससे अधिक है 
राज्य के नवगठित मंत्रिपरिषद में शामिल 71 फीसदी (10) मंत्रियों की योग्यता स्नातक एवं उससे अधिक है। जबकि 29 फीसदी (4) मंत्रियों की योग्यता 8 वीं से 12 वीं तक की शिक्षा प्राप्त हैं। दोनों उप मुख्यमंत्री तार किशोर प्रसाद व रेणु देवी तथा विजेंद्र प्रसाद यादव  12 वीं परीक्षा उत्तीर्ण हैं जबकि मुकेश सहनी आठवीं कक्षा पास है। छह मंत्रियों ने अपनी आयु 41-50 साल के बीच बताई है जबकि आठ मंत्री 51 से 75 साल तक के उम्र के हैं। उनमें दो महिलाएं हैं। बिहार में 243 सदस्यीय विधानसभा के लिए 28 अक्टूबर, तीन नवंबर और सात नवंबर को चुनाव हुए थे। जबकि मतगणना 10 नवंबर को हुई। बहुमत हासिल करने के बाद राजग ने सरकार बनायी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में 14 सदस्यीय मंत्रिमंडल ने सोमवार को शपथ ली। 

गरीब प्रदेश के अमीर जनप्रतिनिधि
बिहार जैसे गरीब प्रदेश में अमीर प्रतिनिधि हैं। जहां 93 फीसदी सरकार में शामिल प्रतिनिधि करोड़पति हैं वहां बिहार में वर्तमान मूल्य पर  प्रति व्यक्ति आय मात्र 47,541 रुपये है। जबकि बिहार में गरीबी की दर 33.74 फीसदी है और सेंटर फॉर मॉनेटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआई) के अनुसार बेरोजगारी की दर अक्टूबर 2020 में 9.8 प्रतिशत है।

Find Us on Facebook

Trending News