सरकार का तोहफा : मदरसाें, गल्पसंख्यक हाईस्कूलों और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों का बढ़ेगा वेतन

सरकार का तोहफा : मदरसाें, गल्पसंख्यक हाईस्कूलों और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों का बढ़ेगा वेतन

पटना... बिहार की नई गठित कैबिनेट में शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी को बनाए जाने पर भले ही सरकार सवालों के घेरे में हो, लेकिन सरकार बनते है शिक्षक वर्ग को सरकार की ओर से बड़ी राहत दी गई है, या फिर यूं भी कह सकते हैं कि छठ के समय तोहफा दिया गया है। शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 814 मदरसों, 72 गैर सरकारी मान्यताप्राप्त अनुदानित अल्पसंख्यक हाइस्कूलों और 47 अनुदानित संस्कृत विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के वेतन की वृद्धि का निर्णय लिया है। इससे शिक्षक वर्ग में हर्ष का माहौल है।  

वृद्धि दर से वेतन के निर्धारण के लिए वित्त विभाग के परामर्श से अलग से निर्देश दिए जाएंगे। यह निर्णय एक अप्रैल, 2021 से प्रभावी होगा। इस निर्णय से राज्य के करीब सात हजार शिक्षकों को फायदा होगा।  


आधिकारिक जानकारी के मुताबिक 29 अगस्त को राज्य सरकार ने पंचायती राज संस्थानों और नगर निकाय संस्थानों के तहत कार्यरत शिक्षकों और पुस्तकालायाध्यक्षों के वर्तमान वेतन में एक अप्रैल, 2021 से 15 फीसदी का इजाफा करने का निर्णय लिया गया था। इसी अनुपात में अल्पसंख्यक विद्यालयों ,मदरसों एवं संस्कृत विद्यालयों के वेतन में इजाफा करने का निर्णय लिया गया है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक यह निर्णय सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण के मकसद से लिया गया है।

उदाहरण के लिए राज्य के गैर मान्यता प्राप्त अल्पसंख्यक विद्यालय के वे शिक्षक, जिनका मासिक वेतन 15 हजार रुपए है, वैसे शिक्षकों को राज्य सरकार अपना अंशदान 13 प्रतिशत देगी। आचार संहिता खत्म होने के बाद इस कैबिनेट से पास इस निर्णय की अधिसूचना जारी की गयी है। इसी दर पर वेतन वृद्धि मदरसों एवं अनुदानित संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों को भी देय होगी।

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