विश्व युवा कौशल दिवस पर बोले श्रम संसाधन मंत्री जीवेश कुमार, कहा सरकार युवाओं के कौशल विकास के लिए प्रतिबद्ध है

विश्व युवा कौशल दिवस पर बोले श्रम संसाधन मंत्री जीवेश कुमार, कहा सरकार युवाओं के कौशल विकास के लिए प्रतिबद्ध है

PATNA : विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर श्रम संसाधन विभाग बिहार के अंतर्गत संचालित बिहार कौशल विकास मिशन के द्वारा श्रम संसाधन मंत्री जिवेश कुमार की अध्यक्षता में महामारी के बाद युवा कौशल की पुनर्कल्पना करना विषय पर वेबिनार आयोजित किया गया. वेबिनार की शुरुआत विभाग के विशेष सचिव अलोक कुमार ने स्वागत भाषण से किया और कहा कि यह दिन युवाओं, तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण (टीवीईटी) संस्थानों, फर्मों, नियोक्ताओं, नीति निर्माताओं आदि के बीच संवाद और समन्वय का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है. इस दिन ही स्किल इंडिया मिशन की भी शुरुआत की गई थी. स्किल इंडिया केंद्र सरकार की एक पहल है. जिसे युवा कौशल को सशक्त बनाने और उन्हें अपने काम में रोजगारपरक और अधिक उत्पादक बनाने के लिए शुरू किया गया था. इस वर्ष भी विश्व युवा कौशल दिवस COVID-19 महामारी और लॉकडाउन के दौरान किये गए उपायों के कारण एक चुनौतीपूर्ण संदर्भ में है, जिसके कारण दुनिया भर में तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण शिक्षा और प्रशिक्षण (TVET) संस्थान बंद हो गए हैं, जो कौशल विकास के कार्यक्रमों में कठिनाई उत्त्पन्न कर रहे हैं. COVID-19 महामारी के कारण, वर्तमान में, 6 में से 1 से अधिक युवा अपने काम से बाहर हैं. ऐसे समय में जहां युवा लोगों को पुनर्प्राप्ति (रिकवरी) के प्रयास में योगदान देना है, उनके लिए यह भी आवश्यक है कि वे आगामी चुनौतियों का सफलतापूर्वक प्रबंधन करने के लिए कौशल से लैस हों और भविष्य में आने वाली बाधाओं को पार करने के लिए तैयार हों.

इसके बाद विभाग की अपर मुख्य सचिव -सह- मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, बिहार कौशल विकास मिशन, वन्दना किनी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि इस वर्ष का विश्व युवा कौशल दिवस फिर से एक चुनौतीपूर्ण समय में वर्चुअल आयोजित किया जा रहा है. COVID-19 महामारी के बीच शिक्षा और प्रशिक्षण प्रणालियों के साथ जो अभी तक पूर्व-संकट की स्थिति बनी हुयी है. उससे हम सभी वापस नहीं आए हैं. विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर हम सब जुड़े हुए हैं जो इस बात का परिचायक है और इस बात पर ध्यान केंद्रित करता है कि कैसे तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण (TVET) सिस्टम ने महामारी के समय हम सब को अपने अनुकूल बनाया है. COVID-19 महामारी अभी भी चुनौती बना हुआ है. जिसकी शायद ही 2020 से पहले किसी ने भी उम्मीद नहीं की होगी. ऐसी परिस्थिति में भी आपस में जुड़कर पाठ्यक्रम के अनुकूल कार्यक्रम तैयार कर, प्रशिक्षु और प्रशिक्षक के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर मूल्यांकन और प्रमाणन प्रक्रियाएं भी पूरी की जा रही है. बिहार सरकार द्वारा कौशल विकास के विभिन्न कार्यक्रमों एवं संकल्पों का मिशन मोड में क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, प्राथमिकताओं की अवधारणा, अवधारित लक्ष्यों को प्राप्त करने तथा नियमित अनुश्रवण करने हेतु  तथा वैष्विक बाजार में राज्य के युवाओं को प्रतिस्पर्धात्मकता सुनिश्चित करने के उदे्दश्य से एक स्वतंत्र गैर लाभकारी, स्वायत्त सोसायटी के रूप में मुख्य मंत्री बिहार की अध्यक्षता में ‘बिहार कौशल विकास मिशन’ की स्थापना की गई थी. बिहार कौशल विकास मिशन के द्वारा वर्तमान में कुशल युवा कार्यक्रम, जिसमें कंप्यूटर का ज्ञान/ व्यवहार कौशल के साथ अंग्रेजी भाषा का ज्ञान के साथ फाइनेंसियल एकाउंटिंग भी सिखाया जा रहा है, जो रोजगार पाने में काफी मददगार सिद्ध हो रहा है. यह कार्यक्रम आईटीआई और पॉलिटेक्निक कॉलेज में भी चलाया जा रहा है, जो तकनीकी शिक्षा के साथ उनके व्यक्तित्व विकास में सहयोग कर रहा है. हम सब इस पर चिंतन करें कि कैसे TVET हितधारक कौशल विकास को बढ़ाने के लिए सहयोग कर सकते हैं और सतत विकास के लिए संक्रमण के दौरान तत्काल आवश्यकता के साथ आर्थिक सुधार के लिए अल्पकालिक आवश्यकता में मददगार साबित हो सकते हैं. इसके अतिरिक्त, 21वीं सदी में जीवन और कार्य के लिए मुख्य कौशल पर वैश्विक स्वरूप तैयार कर शुरू किया जाना है. नया वैश्विक ढांचा, कार्य की दुनिया में चल रहे नित नए परिवर्तनों और उभरते अवसरों को भी दर्शाता है. आजीवन सीखने इच्छा को जागृत कर सभी के लिए व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास को बढ़ावा देने के लिए बिहार कौशल विकास मिशन आपके साथ है. 

मंत्री जिवेश कुमार ने अपने अभिभाषण के दौरान शुभकामनायें देते हुए कहा कि 15 जुलाई, विश्व युवा कौशल दिवस, युवाओं के लिए विशेष दिवस है, जो उनके कौशल विकास का प्रतीक है. जिसका उदेश्य युवाओं के उत्तरोतर विकास एवं कुशल बनाये जाने के साथ हर क्षेत्र में उनका क्षमतावर्द्धन करते हुए सार्वभौमिक रुप से भावी जीवन में सफलतम चरित्र को स्थापित करना और आर्थिक रूप से सबल बनाना है. विश्व युवा कौशल दिवस वर्ष 2014 से ही मनाया जा रहा है, जिसकी शुरुआत श्रीलंका द्वारा प्रस्तावित एवं संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा सर्वसम्मति से पारित किये जाने के साथ हुआ था. जिसका मूल उदेश्य युवाओं को रोजगार के लिए आवश्यक कौशल के बारे में जागरुक करना और उसके महत्व का प्रसार करना है. 2014 में, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने युवाओं को रोजगार, अच्छे काम और उद्यमिता के लिए कौशल से लैस करने के रणनीतिक महत्व का जश्न मनाने के लिए 15 जुलाई को विश्व युवा कौशल दिवस के रूप में घोषित किया. तब से, विश्व युवा कौशल दिवस, युवाओं, तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण (टीवीईटी) संस्थानों, फर्मों, नियोक्ताओं और श्रमिक संगठनों, नीति निर्माताओं और विकास भागीदारों के बीच संवाद का एक अनूठा अवसर प्रदान किया है. प्रतिभागियों ने कौशल के लगातार बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला है क्योंकि दुनिया संक्रमणकाल में विकास के एक स्थायी मॉडल की ओर अग्रसर है.  


संयुक्त राष्ट्र संघ के 2030 तक निर्धारित सतत् विकास हेतु लक्ष्यों SDG के लक्ष्य संख्या-4 गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के रुप में भी समाहित किया गया है, जिसे वैश्विक विकास का एक महत्वपूर्ण लक्ष्य भी माना जा रहा है. गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा - में युवाओं और वयस्कों को प्रासंगिक कौशल, रोजगार और स्वरोजगार के लिए तकनीकी और व्यावसायिक रुप से कुशाग्र और दक्ष बनाया जाना है. भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी वाला देश है, जिसमें 15 से 59 का आयुवर्ग, कामकाजी आयुवर्ग का 62 प्रतिशत है. जिनका कौशल विकास देश और विश्व के हित के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण ही नहीं अति आवश्यक भी है. हमारा प्रदेश युवाओं से भरा पुरा है जो हमारी शक्ति भी है जिसको सभी प्रकार से लैस करना ही हम सब का ध्येय है. 

कौशल विकास, युवाओं में कार्य करने की शुरुआत के पूर्व सुचारु परिर्वतन करने में सक्षम बनाने का एक प्राथमिक साधन है और वर्तमान परिवेश के अनुरूप प्रदेश के युवाओं के लिए आवश्यक भी है. हम सभी को कौशल विकास के लिए एवं युवाओं  को रोजगारपरक बनाने की दिशा में एक प्रभावी तंत्र के रुप में सहचर की भूमिका निभाना अति आवश्यक है. जिसकी पूर्ति हेतु विश्व युवा कौशल दिवस, एक बेहतर मंच है. बिहार कौशल विकास मिशन अपने कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं के लिए निम्नांकित कार्य  कर रहा है. जैसे प्रदेश के दूरस्थ भागों में कौशल विकास कार्यक्रमों के बारे में युवाओं में जागरुकता बढ़ाना / प्रदेश के हर कोने में सभी युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों को सुलभ बनाना /बिहारी युवाओं को अपने कौशल का दोहन न होने के लिए प्रोत्साहित करना / उन सभी युवाओं को एक अवसर प्रदान करना जिसमें वे अपने प्रतिभा का जौहर राज्य देश एवं विश्व कौशल प्रतियोगिता में दिखा सकें / कौशल को आकांक्षात्मक बनाना और पुरस्कृत करना, जिससे प्रदेश और देश के युवाओं में गर्व और उपलब्धि हेतु एक सकारात्मक भाव पैदा करना. जैसा कि सर्वविदित है कि बिहार राज्य की अधिकांश आबादी युवाओं की है और युवाओं के बीच नित नये रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य के युवाओं का नए कौशल उन्नयन किये जाने की निरंतर आवश्यकता महसूस की जाती रही है. रोजगार के अवसर सृजन के क्रम में इस बात को महसूस किया गया कि राज्य के युवाओं में हुनर की कमी नहीं है, लेकिन कुछ विधाओं में उनकी निपुणता जरुरी है. 

जिसको दृष्टिपथ में रखते हुए राज्य सरकार के द्वारा 7 निश्चय में एक निश्चय आर्थिक हल युवाओं को बल के अधीन राज्य के कम से कम 10 वीं उत्तीर्ण युवाओं को संवाद कौशल हिन्दी एवं अंग्रेजी का भाषा ज्ञान, व्यवहार कौशल तथा कम्प्यूटर का मूलभूत प्रशिक्षण प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया तथा इस कार्यक्रम का नामकरण कुशल युवा कार्यक्रम रखा गया, जिसे बिहार कौशल विकास मिशन, श्रम संसाधन विभाग अंतर्गत प्रत्येक प्रखण्ड में संचालित कराया जा रहा है. इसके साथ प्रशिक्षण केन्द्रों पर (RTD) भर्ती प्रशिक्षण और तैनाती, डोमेन स्किल्लिंग और फाइनेंसियल अकाउंट का भी कोर्स कराया जा रहा है. हर जिले में मेगा स्किल सेंटर और उत्कृष्ठ केन्द्र बना कर युवाओं को जोड़ना हमारी वित्तीय वर्ष 2021 – 22 के योजना में शामिल है, जिसका कार्य प्रगति पर है, आपको यह भी बता दें राज्य के सभी आईटीआई अब NCVT से सम्बद्ध हो गये हैं, जिससे उतीर्ण युवा अपने प्रमाणन के साथ अब देश और विदेश में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं| जो राज्य सरकार की उपलब्धि है.जैसा की हम सभी जानते हैं कि विगत वर्ष से कोरोना महामारी से पूरा विश्व लड़ रहा है और इसी परिस्थिति में आज हम सब वर्चुअल रूप से जुड़े हैं और जुड़ने का विषय है “महामारी के बाद युवा कौशल की पुनर्कल्पना करना”.

पुनर्कल्पना भी उस समय करना जब परिस्थितियाँ विपरीत हों, स्कूल/ कालेज सब सामान्य तरीके से संचालित नहीं किये जा रहे हों, यूनेस्को के अनुसार यह अनुमान लगाया गया है कि मार्च 2020 और मई 2021 के बीच दुनिया के आधे देशों में स्कूल या तो पूरी तरह से या आंशिक रूप से 30 सप्ताह से अधिक समय तक बंद रहे. जून के अंत में भी 19 देशों में स्कूल पूर्ण बंद थे, जिससे लगभग 157 मिलियन शिक्षार्थी प्रभावित हुए और आंशिक रूप से स्कूल बंद होने से 768 मिलियन अधिक विद्यार्थी /शिक्षार्थी प्रभावित हुए. साथ ही यूनेस्को, अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) और विश्व बैंक द्वारा संयुक्त रूप से एकत्रित तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण (टीवीईटी) संस्थानों के एक सर्वेक्षण के उत्तरदाताओं ने बताया कि दूरस्थ प्रशिक्षण कौशल प्रदान करने का सबसे आम तरीका बन गया है, जिसके संबंध में काफी कठिनाइयों के साथ, दूसरों के बीच, पाठ्यक्रम अनुकूलन, प्रशिक्षु और प्रशिक्षक की तैयारी, कनेक्टिविटी, या मूल्यांकन और प्रमाणन प्रक्रियाएं को सुलभ बनाया जा सकता है.  2030 एजेंडा की उपलब्धि के लिए शिक्षा और प्रशिक्षण पर विशेष बल दिया जा रहा है. विज़न 2030 के अनुसार यह पूरी तरह से सतत विकास लक्ष्य 4 "समावेशी और समान गुणवत्ता वाली शिक्षा सुनिश्चित करना और सभी के लिए आजीवन सीखने के अवसरों को बढ़ावा देना" है. 

सरकार के द्वारा, बिहार कौशल विकास के माध्यम से कोविड महामारी में सहयोगी की भूमिका निभाने के राज्य के 10 प्रशिक्षण केन्द्रों पर प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY 3.0) के तहत, चिकित्सा के क्षेत्र से संबधित जॉब रोल्स यानि कुल 6 विधाओं (1.) General Duty Assistant (GDA) (2) GDA – Advanced (Critical Care) (3) Home Health Aide (4) Emergency Medical Technician – Basic (5) Phlebotomist और (6) Medical Equipment Technology Assistant में प्रशिक्षण कराया जा रहा है. इस प्रशिक्षण से राज्य के युवाओं का कौशल विकास तो होगा ही साथ ही उन्हें रोजगार भी मिलेगा और स्थानीय स्तर पर वे कोविड संक्रमित व्यक्तियों की सेवा कर आर्थिक रूप से भी सबल होंगें. 

मंत्री ने सभी से अपील किया कि समाज के हर वर्ग को स्वस्थ्य रहना जरूरी है, कोरोना के इस जंग को जीतने के लिए हम सभी को आत्मबल और हिम्मत के साथ जो निर्देश सरकार द्वारा दिया गया है, उसका पालन करना होगा. साथ ही दूसरों को भी जागरूक करने और गाइड लाइन के अनुरूप कार्य करने को प्रेरित कर हम विजय प्राप्त कर सकते हैं. वर्तमान में कोरोना वायरस संक्रमण अभी भी हमें प्रभावित कर रहा है. ऐसे में हमारी सतर्कता और बचाव ही हमें संक्रमण से बचा सकता है. सभी केन्द्रों के संचालकों, हितधारकों और जुड़े हुए सभी प्रशिक्षु और प्रशिक्षकों से निवेदन है कि प्रशिक्षण केंद्र पर Covid गाइड लाइन का पालन अवश्य करें.श्रम संसाधन विभाग, बिहार सरकार बिहार कौशल विकास मिशन और नियोजन एवं प्रशिक्षण निदेशालय के साथ समन्वय स्थापित कर हर स्तर पर प्रदेश के युवाओं के समयानुसार कौशल विकास हेतु प्रतिबद्ध है तथा उन्हें रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर क्रियाशील है. 

कार्यक्रम में CII के प्रतिनिधि, ASCI के CEO डॉ सत्येन्द्र आर्य, निदेशक NIELET, NSDC की ओर से वर्ल्ड स्किल कार्यक्रम के हेड जयकांत सिंह, सुनील मारवाह CEO, फ़ूड प्रोसेसिंग SSC ने भी अपने विचार रखे| कार्यक्रम में स्कूल/ कॉलेज के शिक्षाविदों, प्रशिक्षण केंद्र के संचालकों और प्रशिक्षुओं के साथ विभाग और बिहार कौशल विकास मिशन के पदाधिकारियों, बिहार विकास मिशन, E & Y और MKCL के कर्मियों, सलाहकारों ने भी अपनी भागीदारी निभाई. धन्यवाद ज्ञापन, बिहार कौशल विकास मिशन के मिशन निदेशक, अरविंद कुमार ने किया.


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