सेनारी नरसंहार मामला : कांग्रेस पार्टी ने की मांग, सर्वोच्च न्यायालय में अपील करें राज्य सरकार

सेनारी नरसंहार मामला : कांग्रेस पार्टी ने की मांग, सर्वोच्च न्यायालय में अपील करें राज्य सरकार

GAYA : अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के सदस्य सह मगध प्रमंडल कांग्रेस प्रवक्ता प्रो विजय कुमार मिठू, बाबूलाल प्रसाद सिंह, अशोक सिंह,अमरजीत कुमार, टिंकू गिरी, राम प्रमोद सिंह, रामाश्रय सिंह, मो सरवर खान, मो अजहरुद्दीन, विनोद उपाध्याय, सुरेन्द्र मांझी, विनय कुमार सिन्हा, विकास चंद्रवंशी आदि ने राज्य सरकार से सेनारी नरसंहार में 34 लोगो की निर्मम हत्या के लिए दोषी कौन है. इसे पता लगाने हेतु न्याय के आखरी दरवाजा सर्वोच्च न्यायालय को खटखटाना होगा, ताकि मानव समाज, पीड़ित परिवार को आत्म संतुष्टि मिल सके. 

बिहार में कई नरसंहारों में निचली अदालतों के फैसले को उच्च न्यायालय द्वारा साक्ष्य के अभाव में अभियुक्तों को बरी कर दिया गया है. लेकिन सरकार की ये जिम्मेवारी बनती हैं की समाज एवम् पीड़ित परिवारों के संतुष्टि, न्याय दिलाने हेतु मामले को देश की अंतिम न्याय दिलाने वाले सर्वोच्च न्यायालय तक मामले को ले जाए. 

नेताओ ने कहा की सेनारी नरसंहार मार्च 1999 में हुआ था. जिस समय के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने सेनारी गांव के लोगो के आंदोलन एवम् मांग पर पांच लोगो का एक प्रतिनिधि मंडल गांव में भेजे थे. जिसमें तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस, वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा एवम् रेल मंत्री नीतीश कुमार, शत्रुघ्न सिन्हा एवम् सुशील कुमार मोदी  शामिल थे. आज जार्ज फर्नांडिस नहीं रहे, यशवंत सिन्हा भाजपा छोड़ कर तृणमूल कांग्रेस में है. शत्रुघ्न सिन्हा कांग्रेस में है. लेकिन नीतीश कुमार विगत सोलह वर्षों से बिहार के मुख्यमंत्री है. सुशील कुमार मोदी भी दस वर्ष उपमुख्यमंत्री रहे है. इस लिए आज सबसे ज्यादा जिम्मेवारी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवम् बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व उपमुख्यमंत्री, राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी की जिम्मेवारी बनती है कि इस नरसंहार के लिए आखिर कौन दोषी है. इसके लिए उच्च न्यायालय के कल के फैसले के बाद मामले को अविलंब सर्वोच्च न्यायालय में अपील करे. ताकि 34 निर्दोषों की निर्मम हत्या कौन किया है, पता लग सके. 

गया से मनोज कुमार की रिपोर्ट

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