SC के फैसले के बाद नियोजित शिक्षकों पर शुरु हुई राजनीति, विपक्ष ने फेंका पासा तो शिक्षा मंत्री ने की यह अपील

SC के फैसले के बाद नियोजित शिक्षकों पर शुरु हुई राजनीति, विपक्ष ने फेंका पासा तो शिक्षा मंत्री ने की यह अपील

PATNA : सुप्रीम कोर्ट से बिहार के नियोजित शिक्षकों झटका मिलने के बाद अब प्रदेश में इसपर राजनीति शुरु हो गई है। विपक्ष जहां इस मामले को भुनाने और प्रदेश के तकरीबन 3.5 लाख शिक्षकों को अपनी ओर करने में जुट गया है। वहीं प्रदेश के शिक्षा मंत्री ने उनसे संयम बरतने की अपील की है। 

बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बिहार के नियोजित शिक्षकों को एक बड़ा प्रलोभन दिया है। पार्टी की राज्य सभा सांसद व लालू की बड़ी बेटी मीसा भारती ने कहा है कि हम लोगों की सरकार आई तो हम लोग शिक्षकों की हर मांग को पूरा करेंगे.
 
इधर मीसा के इस बयान के बाद बिहार के शिक्षा मंत्री मंत्री कृष्ण नंदन वर्मा ने शिक्षकों के जख्म पर मरहम लगाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सदैव से ही शिक्षकों के साथ है। उन्होंने कहा कि मेरी नियोजित शिक्षकों से अपील है कि वे फिलहाल संयमित रहे। उन्होंने कहा कि अभी दो चरण का चुनाव बाकी है और इस चुनाव को देखते हुए लोग तरह-तरह की बयानबाजी करेंगे। इसपर ध्यान देने की जरुरत नहीं है। आने वाले दिनों में उनकी हितों को ख्याल रखते हुए उचित कदम उठाया जाएगा।  

बता दें कि आज सुप्रीम कोर्ट ने नियोजित शिक्षकों की समान काम के बदले समान वेतन की मांग पर अपना फैसला सुनाते हुए बिहार सरकार के पक्ष मे फैसला दिया। सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के फैसले समान काम के बदले समान वेतन को निरस्त कर दिया। उच्चतम न्यायलय के इस फैसले से बिहार के 3.5 लाख नियोजित शिक्षकों  को बड़ा झटका लगा है। 

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