6 माह बाद स्कलूों में लौटी रौनक, छात्र-छात्राओं के इस बात पर जताई आपत्ति

6 माह बाद स्कलूों में लौटी रौनक, छात्र-छात्राओं  के इस बात पर जताई आपत्ति

कैमूर : कोरोना संक्रमण के कारण बंद पड़े स्कूल छह माह बाद आज नियमों और शर्तों के साथ नौवीं से बारहवीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए खोल दिया गया है। विद्यालय परिसर को खोलने से पहले विद्यालय को सेनेटाइज कराया गया। वहीं छात्र छात्राओं के हाथों को सेनेटाइज करने और मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंस का पालन करने की सख्त हिदायत दी गई। 

हालांकि जिले के कई स्कूल में कोविड-19 के प्रोटोकोल का पालन नहीं होने से छात्र-छात्राओं द्वारा आपत्ति जताई गईहै। जिले के कई विद्यालयों में कोविड - 19 के नियमों तहत न तो स्कूल को सैनेटाइज कराया गया है और न ही छात्र-छात्राओं के लिए सैनेटाइज की व्यवस्था है।  दसवीं क्लास का छात्र राजू चौधरी ने बताया कि  अखबार में स्कूल खोलने का खबर देखने के बाद हम लोग विद्यालय आए हैं पौने दस बज गया अभी तक कोई शिक्षक नहीं आए हैं, और ना हीं हाथों को सेनेटाइज कराया जा रहा है। हम लोग यह सोच कर आए थे कि विद्यालय खुल रहा है तो पढ़ाई होगी लेकिन यहां पर ऐसा कुछ नहीं दिखाई दे रहा है। वहीं छात्रा नेहा कुमारी बताती है जब हम विद्यालय पहुंचे तो हाथ को सेनेटाइज नहीं कराया गया। मुझे मास्क के बारे में भी जानकारी नहीं थी कि पहन कर आना है। अब मैं मास्क खरीद लूंगी ।


नौवीं क्लास की छात्रा नीलम कुमारी बताती है छह-सात महीने बाद हम लोग विद्यालय आए हैं। कोरोना के कारण विद्यालय बंद था, घर पर पढ़ाई नहीं हो पा रही थी। अब उम्मीद है कि विद्यालय में हम लोगों का पढ़ाई पूरा होगा। जब हम लोग विद्यालय आए तो हाथों को सेनेटाइज कराया गया और मास्क पहनकर भी आए हैं। छात्रा सपना कुमारी बताती है कोरोना के बाद आज पहली स्कूल खुला है। हम लोग को अच्छा लग रहा है। अब उम्मीद है कि हम लोग का कोर्स पूरा हो जाएगा। घर पर इतने अच्छे से पढ़ाई नहीं हो पाती थी। विद्यालय आने पर शिक्षकों ने बताया कि विद्यालय सेनेटाइज किया गया है, और हम लोग के हाथों को भी सेनेटाइज कराया जा रहा है। 

वहीं विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बताया कि सरकार के गाइडलाइन के अनुसार आज से विद्यालय को खोला गया है। विद्यालय में कुछ बच्चे भी आए हैं। कोविड प्रोटोकाल का पूरा पालन किया जा रहा है। हाथों को सेनेटाइज कराया जा रहा है। बाथरूम के नल के पास साबुन रख दिया गया है, जिससे कि बच्चे और बच्चियां हाथ धो सके। जिन लड़कियों के पास मास्क नहीं है वह अपने दुपट्टे से चेहरे को ढक सकें। मास्क पहनना सभी के लिए अनिवार्य किया गया है। कक्षा में भी बच्चियों को एक दूसरे से नियत दूरी पर बैठाया जा रहा है ।


जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया शर्तों के साथ विद्यालय खुला है। बच्चों को नहीं आना था, लेकिन अखबार में गलत खबर छपने के कारण बच्चे विद्यालय चले आए। जहां पर कंटेनमेंट जोन है वहां पर विद्यालय में बच्चों को नहीं जाना है और आधे ही शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मी पहुंचेंगे विद्यालय। बच्चे माता-पिता का सहमति लेकर ही विद्यालय आएंगे। वहीं बच्चों को सप्ताह में सिर्फ दो दिन स्कूल आना है। 

कैमूर से देवव्रत की रिपोर्ट

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