सांइस ने भी माना, आत्मा है अमर, मृत्यु के बाद ब्रह्मांड में चली जाती है

सांइस ने भी माना, आत्मा है अमर, मृत्यु के बाद ब्रह्मांड में चली जाती है

NEWS4NATION DESK : आत्माअजर अमर है अब इस विज्ञान भी मानने लगा है। भौतिकी और गणित के दो वैज्ञानिकों ने लंबे शोध के बाद दावा किया है कि आत्मा मरती नहीं है, सिर्फ शरीर मरता है। मृत्यु के बाद आत्मा ब्रह्मांड में चली जाती है, लेकिन इसमें निहित सूचनाएं कभी नष्ट नहीं होती हैं।

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के गणित व भौतिकी के प्रोफेसर सर रोगर पेनरोज और यूनिवर्सिटी ऑफ एरीजोना के भौतिकी वैज्ञानिक डॉ. स्टुअर्ट हमरॉफ ने दो दशक के शोध के बाद आत्मा के अजर-अमर होने की बात को स्वीकार करते हुए इस विषय पर छह शोधपत्र प्रकाशित किए हैं। हाल ही में उनके शोध पर अमेरिका के मशहूर साइंस चैनल ने डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाई है।

वैज्ञानिकों के अनुसार, जब व्यक्ति दिमागी रूप से मृत होने लगता है तब ये सूक्ष्म नलिकाएं क्वांटम स्टेट खोने लगती हैं। सूक्ष्म ऊर्जा कण मस्तिष्क की नलिकाओं से निकल ब्रह्मांड में चले जाते हैं। कभी मरता इंसान जिंदा हो उठता है, तब ये कण वापस लौट जाते हैं।

शोध के अनुसार सूक्ष्म ऊर्जा कणों के ब्रह्मांड में जाने के बावजूद उनमें निहित सूचनाएं नष्ट नहीं होती। क्वाटंम सिद्धांत प्रतिपादित करने वाले वैज्ञानिक मैक्स प्लंक के नाम पर म्यूनिख में प्लंक इंस्टीट्यूट है, वहां के वैज्ञानिक हेंस पीटर टुर ने भी इसकी पुष्टि की है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि मानव मस्तिष्क एक जैविक कंप्यूटर की भांति है। इसका प्रोग्राम आत्मा है जो मस्तिष्क के अंदर मौजूद एक क्वांटम कंप्यूटर के जरिये संचालित होती है। क्वांटम कंप्यूटर से तात्पर्य मस्तिष्क की कोशिकाओं में स्थित सूक्ष्म नलिकाओं से है जो प्रोटीन आधारित अणुओं से निर्मित हैं। बड़ी संख्या में ऊर्जा के ये सूक्ष्म स्रोत अणु मिलकर एक क्वाटंम स्टेट तैयार करते हैं जो वास्तव में चेतना या आत्मा है।

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