धारा 370 पर राज्यसभा में हर बाधा को दूर करने के लिए तैयार किया गया था प्लान ए और बी, जानिए क्या था ....

धारा 370 पर राज्यसभा में हर बाधा को दूर करने के लिए तैयार किया गया था प्लान ए और बी, जानिए क्या था ....

NEWS4NATION DESK  : जम्मू-कश्मीर से धारा 370 खत्म करने में राज्यसभा में किसी तरह की कोई बाधा ने न आए बीजेपी द्वारा इसकी पूरी प्लानिंग की गई थी। 

दरअसल पहले कार्यकाल में विवादित बिलों पर सरकार को सबसे बड़ी बाधा राज्यसभा में ही मिलती थी। बताया जा रहा है कि राज्यसभा में बीजेपी को बहुमत नहीं होने के कारण किसी तरह की कोई बाधा न तो उत्पन्न हो इसके लिए दो प्लान ए और प्लान बी तैयार था। 

इससे पहले तीन तलाक बिल और आरटीआई संशोधन बिल पर भी सदन के अंदर सरकार को बहुमत जुटाने की प्रैक्टिस हो चुकी थी। इससे कॉन्फिडेंट सरकार ने सोमवार को सदन में जाने से पहले अपना फ्लोर मैनेजमेंट पूरी तरह तैयार कर रखा था।

संसद में जब अमित शाह धारा-370 पर ऐतिहासिक घोषणा करने वाले थे, उससे पहले एक घंटे तक सरकार उच्च सदन की हर बाधा को दूर करने में व्यस्त थी। मंत्री पीयूष गोयल और पार्टी के सीनियर नेता भूपेंद्र यादव सदन में नंबर को अपने पक्ष में करने के लिए सभी क्षेत्रीय दलों के नेताओं से संपर्क में थे।
 
 पहले कार्यकाल में विवादित बिलों पर सरकार को सबसे बड़ी बाधा राज्यसभा में ही मिलती थी। इस संकट से निजात पाने के लिए मोदी-शाह की जोड़ी ने कई दांव खेले। 

पहले तो गृह मंत्री शाह ने आंध्र में टीडीपी के कुल छह में से चार सांसदों को बीजेपी में शमिल किया। यह संख्या दो तिहाई से अधिक थी। ऐसे में इनकी मान्यता बनी रही। इसी तरह इनोलो के राज्यसभा के एकमात्र सांसद बीजेपी में आ गए। एसपी सांसद नीरज शेखर ने भी कमल थाम लिया। इसके बाद उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया। 

सूत्रों के मुताबिक बीजेपी की ओर से बीएसपी, वाईएसआर और बीजेडी नेताओं से बात की गई और उनका समर्थन मांगा गया। वहीं कुछ और सदस्य पाला बदलने वाले हैं। 

राज्यसभा के इतिहास में संभवत: यह पहला ऐसा मौका रहा, जब इतनी संख्या में राज्यसभा सांसदों ने दल बदला। 

सोमवार को उस वक्त पूरा सदन सन्न रह गया, जब कांग्रेस के मुख्य विप ने ही इस्तीफा दे दिया। इसके अलाव एसपी के एक राज्यसभा संसद ने भी इस्तीफा दे दिया है। 

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