लालू-तेजस्वी से मिलने का इंतजार करते रहे बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, न समय मिला न गठबंधन की उम्मीद दिखी

 लालू-तेजस्वी से मिलने का इंतजार करते रहे बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, न समय मिला न गठबंधन की उम्मीद दिखी

अब क्या करेगी कांग्रेस? पहले लालू ने कहा- तेजस्वी को आने दिजिए, तेजस्वी आए तो बोले- 'हमने MLC चुनाव में अकेले लड़ने का फैसला ले लिया है'

NEW DELHI/PATNA : बिहार विधानसभा उपचुनाव की कड़वाहट अब भी महागठबंधन में बरकरार है। MLC चुनाव में कांग्रेस राजद से जिस उम्मीद को लगाकर बैठी थी, उस उम्मीद को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, बिहार में होनेवाले आगामी MLC चुनाव में कांग्रेस से गठबंधन के सवाल पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने दिल्ली में एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हमने MLC चुनाव को लेकर पहले ही अकेले लड़ने का फैसला कर लिया है।

बिहार में 24 सीटों पर MLC का चुनाव होना है। इसको लेकर एक तरफ जहां बिहार NDA में सीट शेयरिंग का फार्मूला सामने आ गया है तो वहीं महागठबंधन में अब भी सस्पेंस बरकरार है। MLC चुनाव में RJD से गठबंधन को लेकर बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मदन मोहन झा, अजीत शर्मा व अखिलेश प्रसाद सिंह लालू यादव और तेजस्वी यादव से मिलने कल दिल्ली पहुंचे थे।

मिलने का मांगा था समय

कल सुबह से ही लगातार बिहार कांग्रेस के इन नेताओं ने लालू और तेजस्वी से मिलने का समय मांग रहे थे। लेकिन सुबह से लेकर शाम हो गई और बिहार कांग्रेस के तीनों नेता राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह के घर पर इंतजार करते रह गए। न ही लालू-तेजस्वी ने इन्हें मिलने समय दिया और न ही MLC चुनाव में राजद से कांग्रेस की गठबंधन को लेकर कोई उम्मीद दिखी। 

तेजस्वी ने कहा- गठबंधन जरुरी नहीं

इसको लेकर जब दिल्ली में देर शाम नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से पूछा गया तो उन्होंने कहा- 'हमें इसकी कोई जानकारी नहीं है, ऐसे भी MLC का चुनाव कोई वैसा चुनाव नहीं है, जिसमें गठबंधन जरूरी हो। इस चुनाव में हमारी सहमति वामदलों के साथ बनी हुई है। जिस तरीके से बिहार उपचुनाव में कांग्रेस अलग लड़ी थी उसके बाद तो कुछ बचा नहीं है। ऐसे भी हमलोग तो सिर्फ बिहार में ही चुनाव लड़ते हैं। हमलोग भी चाहते हैं फलें-फूलें, इसीलिए हमारा ऐलान पहले से ही था कि इस चुनाव को हम अपने दम पर लड़ेंगे'

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के इस बयान के बाद कांग्रेस में खलबली मची हुई है। तेजस्वी के बयान के बाद कांग्रेस की प्रतिक्रिया तो नहीं है। लेकिन जिस तरीके से बिहार विधानसभा के दो सीटों पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस राजद से अलग होकर चुनाव लड़ी थी, वो कड़वाहट अब भी तेजस्वी यादव भूल नहीं पा रहे हैं।

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