कांग्रेस विधायक अजीत शर्मा समेत सात को न्यायालय ने सुनाई एक साल की सजा, 12 साल पुराने इस मामले में हुआ फैसला

कांग्रेस विधायक अजीत शर्मा समेत सात को न्यायालय ने सुनाई एक साल की सजा, 12 साल पुराने इस मामले में हुआ फैसला

BHAGALPUR :  कांग्रेस के भागलपुर विधायक सह बिहार विधानमंडल दल के नेता अजीत शर्मा समेत सात अभियुक्तों को भागलपुर के एमपी एमएलए कोर्ट ने 4 जनवरी बुधवार को सजा सुनाई है साथ  ही आर्थिक जुर्माना भी लगाया है, यह मामला इसाकचक थाना क्षेत्र में 3 नवंबर 2020 को दर्ज हुआ था। 

कांग्रेस विधायक अजीत शर्मा ने कुछ लोगों के साथ चुनाव कार्य किया था बाधित

भागलपुर एमपी एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विवेक कुमार सिंह की अदालत ने 4 जनवरी बुधवार को कांग्रेस विधायक अजीत शर्मा समेत सात लोगों को निर्वाचन कार्य में बाधा डालने और सेक्टर पदाधिकारी तथा पुलिस टीम के समर्थकों के साथ घेराबंदी करने और पदाधिकारियों से बहस करने चुनाव कार्य में बाधा डालने के मामले में दोषी पाते हुए यह सजा सुनाई है, कोर्ट ने भारतीय दंड विधान संहिता की धारा 353 के तहत भागलपुर विधायक सह बिहार विधानमंडल दल के नेता अजीत शर्मा समेत सात अभियुक्तों को एक साल की साधारण कारावास और  एक  हजार रुपये के जुर्माना के साथ सजा सुनाई है, वही विशेष न्यायाधीश ने भारतीय दंड विधान संहिता की धारा 341 में 15 दिनों की साधारण कारावास और 250 रुपये जुर्माना लगाया है, वहीं इस सजा में डिफॉल्ट होने पर 500 रुपये का जुर्माना देना होगा। 

विधायक अजीत शर्मा समेत सात लोगों को एक साल की सजा व आर्थिक जुर्माना

विधायक अजीत शर्मा के अलावा मोहम्मद रियाज उल्लाह अंसारी, मोहम्मद इरफान खान उर्फ पिंटू, मोहम्मद नियाज उद्दीन, मोहम्मद मंजर उद्दीन उर्फ चुनना, मोहम्मद शफकत उल्लाह, मोहम्मद नियाज उल्ला उर्फ आजाद हैं, हालांकि अभी सभी अभियुक्तों को भागलपुर न्यायालय के विशेष न्यायाधीश विवेक कुमार सिंह ने  सजा के बाद बांड भराकर मुक्त कर दिया गया। सरकार की तरफ से अनुमंडल अभियोजन पदाधिकारी प्रभात कुमार ने बहस में भाग लिया था।  

मामला क्या है....

विधानसभा चुनाव के दौरान 3 नवंबर 2020 को भीखनपुर के समीप चलंत मतदान केंद्र के दंडाधिकारी पुलिस पार्टी को विधायक अजीत शर्मा पूरी जमात लेकर एक साथ शाम के 4:30 पदाधिकारियों का घेराव कर दिया था तब अजीत शर्मा ने चलंत मतदान केंद्र के साथ चल रहे दंडाधिकारी बाल्मीकि कुमार से तू तू मैं मैं भी की थी, अजीत शर्मा का यह कहना था कि उनकी गाड़ी में ईवीएम मशीन कैसे रखी हुई है उस समय दंडाधिकारी बाल्मीकि कुमार ने उन्हें समझाने का प्रयास किया था कि वह चलंत मतदान केंद्र आकस्मिक सेवा के लिए ईवीएम मशीन रखता है और हम लोग सेक्टर पार्टी हैं जरूरत पड़ने पर उसे मतदान केंद्र पर मुहैया कराते हैं। जिससे मतदान करने वालों को किसी तरह की परेशानी ना होस लेकिन उस समय रहे प्रत्याशी अजीत शर्मा समेत कई लोग हंगामा करने लगे।

 उस दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे और उन्हें भीड़ के बीच से ईवीएम मशीन और गाड़ी के साथ सुरक्षित बाहर निकाला था, इसी दौरान भागलपुर विधायक अजीत शर्मा और उनके साथ सात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी साथ ही कई अज्ञात के विरुद्ध भी प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, उस समय अधिकारी के रूप में मौजूद आईटीआई के निदेशक मुंगेर निवासी बाल्मीकि कुमार ने इशाकचक थाने में यह केस दर्ज कराया था।

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