जूस बेचकर पिता ने पढ़ाया था रतन को, शहीद होने के बाद कहा बेटे पर है गर्व

जूस बेचकर पिता ने पढ़ाया था रतन को, शहीद होने के बाद कहा बेटे पर है गर्व

न्यूज़ 4 नेशन डेस्क : जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में 42 जवान शहीद हो चुके हैं. इसमें बिहार के भी दो जवान शामिल हैं. पुलवामा आतंकी हमले में बिहार के भागलपुर के रतनपुर के रहने वाले जवान रतन ठाकुर भी शहीद हुए हैं. 

रतन के पिता निरंजन ठाकुर ने गरीबी के बाद भी अपने एकलौते बेटे को जूस बेचकर पढ़ाया था. रतन ने 2011 में सीआरपीएफ ज्वाइन किया था जिसके बाद से परिवार की स्थिति थोड़ी सुधरने लगी थी, पर इस हमले में रतन शहीद हो गए. रतन के शहीद होने की खबर मिलते ही परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल है. रतन के पिता ने कहा कि मेरा एक ही बेटा था, लेकिन गर्व की बात है कि वह देश के लिए शहीद हुआ हैं.

भागलपुर के कहलगांव के रतनपुर के रहने वाले रतन कुमार ठाकुर सीआरपीएफ की 45वीं बटालियन में तैनात थे. रतन के घर में घर में पत्नी राजनंदिनी देवी और चार साल का बेटा कृष्णा है. राजनंदिनी फिर से मां बनने वाली हैं. गुरुवार की सुबह रतन ने अपनी पत्नी को फोन किया था और कहा था कि श्रीनगर जा रहा हूं। वहां पहुंचकर शाम को फोन करूंगा। लेकिन उनका फोन नहीं आया। पत्नी ने फोन किया तो स्वीच ऑफ मिला। 

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