शर्मनाक है किसानों का यह आंदोलन! लाल किले की दीवार भेद कर अंदर घुसे किसान, तिरंगे को नीचे गिराया

शर्मनाक है किसानों का यह आंदोलन! लाल किले की दीवार भेद कर अंदर घुसे किसान, तिरंगे को नीचे गिराया

नई दिल्ली।  कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान आज दिल्ली-एनसीआर में लाठीचार्ज और झड़प की खबरों के बीच अब प्रदर्शनकारी राष्ट्र की शान लाल किले पर कब्जा कर लिया। किसानों का आतंक यहीं पर खत्म नहीं हुआ, उन्होंने लाल किले में लगे तिरंगे को नीचे उतार दिया दिल्ली के लाल किला । जिसके बाद लाल किला, इंद्रप्रस्थ मेट्रो समेत कई मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया है। प्रदर्शन कर रहे किसानों और पुलिस के बीच आईटीओ पर झड़प हुई है, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। वहीं किसानों के हिंसक प्रदर्शन को देखते हुए अब फोर्स को निर्देश दिया गया है कि वह बल प्रयोग कर किसानों को नई दिल्ली से पीछे करें।

इससे पहले सामयपुर बादली, रोहिणी सेक्टर 18/19, हैदरपुर बादली मोर, जहांगीर पुरी, आदर्श नगर, आज़ादपुर, मॉडल टाउन, जीटीबी नगर, विश्व विद्यालय, विधानसभा और सिविल लाइंस के प्रवेश / निकास द्वार बंद हैं। डीएमआरसी ने कहा कि ग्रीन लाइन की सारे मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं। कई जगह पुलिस और किसानों के बीच झड़प में हिंसा की खबरें भी आई हैं।  बताया जा रहा है कि आईटीओ के पास माहौल बेहद तनावपूर्वण हो चुका है।

कई जगहों पर हिंसक झड़प, छोड़े गए आंसू गैस

दिल्ली के आईटीओ में किसान बैरिकेड्स तोड़ आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, जहां पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। इसके बाद किसान पीछे हटे। वहीं, इधर दिल्ली के लाल किला परिसर में कुछ प्रदर्शनकारी किसान घुस गए हैं। यहां कभी लाठी लेकर पुलिस प्रदर्शनकारी को खदेड़ती है तो कभी प्रदर्शनकारी युवा दौड़ते हैं। इतना ही नहीं, काफी तोड़फोड़ भी हुई है। इसकी वजह से अब लाल किला मेट्रो स्टेशन के एंट्री और एग्जिट प्वाइंट को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। 

12 बजे से पहले राजधानी में घुसे

पुलिस ने किसानों से कहा था कि गणतंत्र दिवस की परेड खत्म होने के बाद 12 बजे से ट्रैक्टर मार्च निकालें। लेकिन, किसानों ने रिपब्लिक डे की परेड शुरू होने से पहले ही ट्रैक्टर मार्च शुरू कर दिया। किसान बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ते गए और पुलिस ने जो रूट दिया अब उसे भी फॉलो नहीं कर रहे। पुलिस भी पीछे हट गई है।  दिल्ली के मुकरबा चौक पर लगाए गए बैरिकेड और सीमेंट के अवरोधकों को ट्रैक्टरों से तोड़ने की कोशिश कर रहे किसानों के समूह पर मंगलवार को पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। किसान संगठनों ने दिल्ली पुलिस को यह आश्वासन दिया था कि वह राजपथ पर आधिकारिक गणतंत्र दिवस परेड समाप्त होने के बाद ही ट्रैक्टर परेड शुरू करेंगे, लेकिन सिंघू, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर से किसानों ने अपने ट्रैक्टरों पर दिल्ली की ओर मार्च करना शुरू कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा कर्मियों ने किसानों को समझाने की कोशिश भी की और कहा कि राजपथ पर गणतंत्र दिवस परेड के खत्म होने के बाद उन्हें दिल्ली में ट्रैक्टर परेड करने की अनुमति दी गई है, लेकिन वे नहीं माने और जबरन शहर में दाखिल होने लगे। 

गौरतलब है कि हजारों किसान पिछले साल 28 नवम्बर से दिल्ली से लगी सीमाओं पर केन्द्र के नए कृषि कानूनों को रद्द किए जाने और उनकी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्यों की कानूनी गारंटी की मांग करे रहे हैं। इनमें अधिकतर किसान पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हैं।



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