अंतिम संस्कार में शामिल होने श्मशान आए थे लोग, फिर हुआ कुछ ऐसा कि वहीं 14 लोगों की चली गई जान

अंतिम संस्कार में शामिल होने श्मशान आए थे लोग, फिर हुआ कुछ ऐसा कि वहीं 14 लोगों की चली गई जान

गाजियाबाद। रविवार को  मुरादनगर में हुए एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां अंतिम संस्कार में शामिल होने आए 14 लोगों की श्मशान में ही मौत हो गई है. जबकि 2 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। लेकिन यह किसी भूत-प्रेत की कहानी नहीं है। दरअसल,  यहां एक श्मशान घाट परिसर में गैलरी की छत अचानक भरभराकर गिर गई।  छत गिरने से 40 से अधिक लोग दब गए थे। जिनमें 14 लोगों के मौत की पुष्टि हुई है। सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम ने लोगों को रेस्क्यू कर गाजियाबाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया। 

छत के नीचे खड़े लोग वहां फंस गए

हादसा इतनी तेज गति से हुआ कि गैलरी के नीचे खड़े लोगों को वहां से भागने का मौका तक नहीं मिला। देखते ही देखते श्मशान घाट में लोगों की चीख पुकार मचनी शुरु हो गई। जिसके बाद तत्काल मौके पर पहुंची पुलिस और स्वास्थ्यकर्मियों ने लोगों को मलबे से निकालना शुरू किया। इस दौरान मलबे से 14 लोगों के शव निकालने की पुष्टि की गई, जबकि दो लोगों को अस्पताल भेजा गया। पुलिस के अनुसार मलबे में लगभग 40 लोगों के दबने की संभावना है। 

100 से ज्यादा लोग आए थे अंतिम संस्कार में


बताया गया कि दयानंद कॉलोनी निवासी दयाराम की शनिवार की रात बीमारी के चलते मौत हो गई थी। उनके अंतिम संस्कार में 100  से ज्यादा मोहल्लेवासी व रिश्तेदार शामिल हुए थे। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया चल रही थी। पुजारी के आह्वान पर सभी लोग श्मशान घाट परिसर में बने भवन के अंदर खड़े होकर आत्म शांति पाठ कर रहे थे। इसी दौरान एक तरफ की जमीन अचानक धंस गई। परिणाम स्वरूप दीवार नीचे बैठ गई और लेंटर गिर गया। हालांकि भवन ज्यादा पुराना नहीं था। आशंका है कि भराव की जमीन में बने भवन की अधिक बारिश में मिट्टी बैठ गई और यह घटना घटी।

यूपी सरकार ने जताई संवेदना

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने जनपद गाजियाबाद के मुरादनगर में छत गिरने की घटना में लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री जी ने इस हादसे में मृतकों के आश्रितों को 02-02 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मण्डलायुक्त, मेरठ एवं एडीजी, मेरठ जोन को घटना के सम्बन्ध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं।

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