बोले रामसूरत राय - जिसके साथ तेजस्वी कर रहे थे प्रेसवार्ता, उसी की गाड़ी को शराब के साथ पुलिस ने किया था जब्त

बोले रामसूरत राय - जिसके साथ तेजस्वी कर रहे थे प्रेसवार्ता, उसी की गाड़ी को शराब के साथ पुलिस ने किया था जब्त

पटना। शराब की बिक्री को लेकर विपक्ष के निशाने पर आए भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री राम सूरत राय ने मीडिया के समक्ष अपना पक्ष रखा। इस दौरान उन्होंने तेजस्वी यादव के द्वारा लगाए गए तमाम आरोपो का एक एक कर जवाब दिया। मंत्री जी ने एक बार फिर से साफ किया कि जिस जमीन पर स्कूल चल रहा है, उससे उनका कोई संबंध नहीं है। वह जमीन उनके भाई के नाम पर है और वह उनकी अपनी निजि संपत्ति है। 

अपने ऊपर लगे हुए आरोपो का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने ही सवाल खड़ा किया, उन्होंने ही जवाब दिया। राम सूरत राय ने साफ किया वह जमीन मेरे भाई के नाम पर है। वहीं मेरे पिता बोचहां प्रखंड के अच्छे राजनीतिक कार्यकर्ता हैं, वो बाजार समिति के चेयरमैन रहे हैं। 2006 में ही घर में बंटवारा किया गया। 2012 में रजिस्टर्ड बंटवारा किया गया। राम सूरत राय ने इसकी प्रति भी मीडिया के सामने प्रस्तुत की। 2014 में भाई ने अलग जमीन खरीदी। वो हमारी पैतृक जमीन नहीं है। उन्होंने कहा कि एक आरोप है कि हमारी जमीन परिसर से शराब बरामद किया गया। यह आरोप भी पूरी तरह के गलत है। मेरा घर अहियापुर थाना में है, जबकि मामला बोचहां प्रखंड का है, जिसमें 13 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है, जिसमें मेरे भाई का भी नाम दर्ज है। परिवहन विभाग द्वारा जांच के दौरान जिन लोगों को पकड़ा गाय, उनमें अमरेंद्र कुमार जो स्कूल के संचालक हैं, उनके भाई के नाम पर खरीदी गई स्वीफ्ट डियायर जब्त की गई. आज तेजस्वी यादव उसी भाई के साथ बैठकर प्रेस वार्ता कर रहे थे। उन्होंने साफ कहा कि एफआईआर में जिन लोगों के नाम दर्ज हैं, वह सब किस पार्टी के हैं इस बात की जानकारी सभी को है।   उन्होंने कहा कि भाई अगर दोषी है तो उसपर कार्रवाई हो ।  उन्होंने कहा कि इसमें मेरी क्या गलती है कि जमीन मेरे भाई का है मेरा भाई के जमीन में कोई और स्कूल चला रहा है । उन्होंने कहा कि मेरा परिवार कृष्ण का वंशज हैं हम जहर का व्यापार नहीं करते हम दूध का व्यापार करते हैं ।

उन्होंने कहा कि पिछले साल नवंबर में यह मामला सामने आया था, जिनमें जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें अमरेंद्र कुमार के साथ  दिलीप कुमार सहित एक अन्य को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि दिलीप कुमार इलाके का बड़ा दारू माफिया है। अमरेंद्र कुमार के साथ उसने कोरोना के दौरान स्कूल में उन लोगों ने शराब रखा। राम सूरत राय ने एक बार साफ कहा कि अगर इसमें मेरा भाई भी शामिल है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

अपने पिता के नाम पर स्कूल के संचालन को लेकर भी उन्होंने साफ किया कि इस संबंध में भी एक हलफनामा दायर है, जिसमें स्कूल का नाम मेरे पिता के ऊपर रखने की वजह बताई गई है। चूकिं मेरे पिता कि इलाके में बेहतर छवि रही है, इसलिए ऐसा किया गया है।  स्कूल के कार्यक्रम में  शामिल होने की तेजस्वी द्वारा दिखाए गए फोटो को लेकर उन्होंने कहा कि क्षेत्र का विधायक हूं, उन्होंने मुझे उद्घाटन करने के लिए बुलाया, इसका मतलब यह नहीं है कि मेरे भाई के धंधे से मेरा कोई संबंध है।

भू-माफियाओं में है बेचेनी के कारण कर रहे बदनाम

  अपने विभाग में किए गए काम में चार माह में जिस तरह का काम किया गया है उसको लेकर कई लोगों में बैचेनी है। उन्होंने कहा कि हर दिन 500 लोगों से मिला। उन्होंने विभाग को पूरे देश में सबसे बेहतर काम करनेवाला विभाग बताया। उन्होंने कहा कि अंचलों में मानव बल की कमी थी। जिनमें 500 अमीन संविदा पर नियुक्त किया गया। जो अब बेहतर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में ऑनलाइन नक्शा उपलब्ध कराया जा रहा है। लोगों को पटना और जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेगे। उन्होंने कहा कि विभाग में अब सभी रिकार्ड को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गई है। सारे काम को डिजिटल किया गया है, जिसका लाभ लोगों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मेरे आने के बाद भूमाफियाओं में हड़कंप मच गया है। जमीन की फर्जी रजिस्ट्री करानेवाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। वो बैचेन हैं। 


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